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वाणिज्य कर दफ्तर में वकीलाें का हंगामा
Barabanki
Updated Thu, 31 Oct 2013 05:40 AM IST
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बाराबंकी। वाणिज्य कर दफ्तर में बुधवार को वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकीलों ने विभागीय अफसरों व कर्मचारियों पर घूसखोरी व अभद्रता का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने के बाद पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से वार्ता कर किसी तरह से मामला शांत कराया। वाणिज्य कर के लिपिकों व वकीलों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। वाणिज्य कर उपायुक्त ने वकीलाें द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भागीरथ यादव बुधवार को व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं व वाणिज्य कर विभाग के सचल दल द्वारा चेकिंग के दौरान की जाने वाली अवैध वसूली के विरोध में जिले के वाणिज्य कर उपायुक्त को ज्ञापन देने गए थे। वकील जब कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हेें असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर चंद्रशेखर, वाणिज्य कर अधिकारी अभिनव सिंह व लिपिक श्रवण कुमार मिले। वकील अधिकारियों से अपनी बात कहने लगे। इस बीच लिपिक श्रवण कुमार अधिवक्ताओं से अभद्रता करने लगा। इतने में वकीलों की तरफ से कई अधिवक्ता भड़क उठे और कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप है कि 29 अक्तूबर को वाणिज्य कर के सचल दल ने चेकिंग के दौरान धान लदे एक ट्रक को रोका था जबकि उस ट्रक के पूरे कागजात थे। जब ड्राइवर ने कागज दिखाने को कहा तो वाणिज्य सचल दल की टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि इसे फाड़ कर फेंक दूंगा। इसके बाद ट्रक कब्जे में लेकर पैसे की मांग करने लगे। इन्हीं मुद्दों को लेकर वकील कमिश्नर वाणिज्य कर लखनऊ को संबोधित ज्ञापन सौंपने गए थे। इस दौरान वकीलों को उग्र देख वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गए। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल संतोष सिंह ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। शहर कोतवाल संतोष सिंह ने कहा कि वकीलों व वाणिज्य कर विभाग के लिपिक की ओर से एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भागीरथ यादव बुधवार को व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं व वाणिज्य कर विभाग के सचल दल द्वारा चेकिंग के दौरान की जाने वाली अवैध वसूली के विरोध में जिले के वाणिज्य कर उपायुक्त को ज्ञापन देने गए थे। वकील जब कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हेें असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर चंद्रशेखर, वाणिज्य कर अधिकारी अभिनव सिंह व लिपिक श्रवण कुमार मिले। वकील अधिकारियों से अपनी बात कहने लगे। इस बीच लिपिक श्रवण कुमार अधिवक्ताओं से अभद्रता करने लगा। इतने में वकीलों की तरफ से कई अधिवक्ता भड़क उठे और कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप है कि 29 अक्तूबर को वाणिज्य कर के सचल दल ने चेकिंग के दौरान धान लदे एक ट्रक को रोका था जबकि उस ट्रक के पूरे कागजात थे। जब ड्राइवर ने कागज दिखाने को कहा तो वाणिज्य सचल दल की टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि इसे फाड़ कर फेंक दूंगा। इसके बाद ट्रक कब्जे में लेकर पैसे की मांग करने लगे। इन्हीं मुद्दों को लेकर वकील कमिश्नर वाणिज्य कर लखनऊ को संबोधित ज्ञापन सौंपने गए थे। इस दौरान वकीलों को उग्र देख वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गए। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल संतोष सिंह ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। शहर कोतवाल संतोष सिंह ने कहा कि वकीलों व वाणिज्य कर विभाग के लिपिक की ओर से एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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