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बच्ची का अपहरण, मांगी फिरौती, लखनऊ में मिली
Barabanki
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:39 AM IST
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बाराबंकी। घर के बाहर खेल रही एक तीन वर्षीय बच्ची का अपहरण कर उसको छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला मंगलवार को प्रकाश में आया। नगर क्षेत्र के सत्यप्रेमीनगर मोहल्ले में सोमवार की दोपहर हुई इस घटना के बाद मंगलवार को बच्ची की मां के मोबाइल पर अपहरणकर्ताओं ने फोन कर फिरौती मांगी और फिरौती की रकम न अदा करने पर बच्ची को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बच्ची के मां-बाप ने शिकायत एसपी व कोतवाली पुलिस से की। पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया। मंगलवार शाम बच्ची की मां के मोबाइल पर लखनऊ से फिर फोन आया और किसी ने उन्हें बताया कि उनकी बच्ची चारबाग स्टेशन पर है। मां-बाप के साथ वहां पहुंची पुलिस ने बच्ची को रात पौने दस बजे बरामद कर लिया।
नगर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला रफीनगर निवासी अतीक की तीन वर्षीय पुत्री शिफा सोमवार की दोपहर करीब एक बजे मां गुड़िया उर्फ जुलेखा के साथ शहर के सत्यप्रेमीनगर स्थित अपने मुंह बोले मामा साबिर के घर गई थी। साबिर ने जुलेखा को उसकी बेटी शिफा के साथ पड़ोस में रहने वाली शालू के घर भेज दिया। जुलेखा व शिफा ने शालू के घर नाश्ता किया फिर बच्ची हाथ धोने के लिए घर के बाहर चली गई और वहीं खेलने लगी। दो घंटे तक जब शिफा घर नहीं लौटी तो उसकी मां ने तलाश शुरू की और जानकारी पति अतीक को दी। रात भर परिवारीजनों ने बच्ची की तलाश की और पुलिस को भी बताया पर कोई पता नहीं लग सका। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे शिफा की मां जुलेखा के मोबाइल पर लखनऊ के बेसिक नंबर से फोन आया। जुलेखा ने बताया कि फोन पर कुछ लोगों ने उससे कहा कि उसकी बेटी उन लोगों के कब्जे में है और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। फोन पर बात कर रहे अपहरणकर्ताओं ने कहा कि अगर शाम चार बजे तक फिरौती की रकम नहीं पहुंचाई तो बच्ची को जान से मार देंगे। इसके बाद घबराए परिवारीजनों ने इस मामले की जानकारी एक कांग्रेसी नेता अरशद अहमद को दी। फिर सभी एसपी कार्यालय पहुंचे और कप्तान को प्रार्थना पत्र देकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची को बरामद करने की गुहार लगाई। एसपी आनंद कुलकर्णी के निर्देश पर सीओ सिटी विशाल विक्रम सिंह, नगर कोतवाल संतोष सिंह ने मामले की जांच व आरोपियों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया। पुलिस की एक टीम लखनऊ भी गई क्योंकि जिस नंबर से बच्ची की मां को फोन आया वह लखनऊ का एक लैंड लाइन नंबर था। मंगलवार शाम करीब साढे़ सात बजे बच्ची की मां के मोबाइल पर लखनऊ से फोन आया कि उनकी बच्ची चारबाग स्टेशन पर है। उस व्यक्ति ने बताया कि बच्ची के हाथ पर यह मोबाइल नंबर लिखा था उसे देखकर ही फोन किया गया है। यह सुनते ही मां-बाप ने एसपी को सूचना दी और एसपी के निर्देश पर उनके साथ पुलिस टीम को लखनऊ भेजा जहां रात पौने दस बजे पुलिस ने बच्ची को चारबाग से बरामद कर लिया। पुलिस अब अपहरणकर्ताओं व फोन से फिरौती मांगने वालों की तलाश में जुट गई है।
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नगर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला रफीनगर निवासी अतीक की तीन वर्षीय पुत्री शिफा सोमवार की दोपहर करीब एक बजे मां गुड़िया उर्फ जुलेखा के साथ शहर के सत्यप्रेमीनगर स्थित अपने मुंह बोले मामा साबिर के घर गई थी। साबिर ने जुलेखा को उसकी बेटी शिफा के साथ पड़ोस में रहने वाली शालू के घर भेज दिया। जुलेखा व शिफा ने शालू के घर नाश्ता किया फिर बच्ची हाथ धोने के लिए घर के बाहर चली गई और वहीं खेलने लगी। दो घंटे तक जब शिफा घर नहीं लौटी तो उसकी मां ने तलाश शुरू की और जानकारी पति अतीक को दी। रात भर परिवारीजनों ने बच्ची की तलाश की और पुलिस को भी बताया पर कोई पता नहीं लग सका। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे शिफा की मां जुलेखा के मोबाइल पर लखनऊ के बेसिक नंबर से फोन आया। जुलेखा ने बताया कि फोन पर कुछ लोगों ने उससे कहा कि उसकी बेटी उन लोगों के कब्जे में है और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। फोन पर बात कर रहे अपहरणकर्ताओं ने कहा कि अगर शाम चार बजे तक फिरौती की रकम नहीं पहुंचाई तो बच्ची को जान से मार देंगे। इसके बाद घबराए परिवारीजनों ने इस मामले की जानकारी एक कांग्रेसी नेता अरशद अहमद को दी। फिर सभी एसपी कार्यालय पहुंचे और कप्तान को प्रार्थना पत्र देकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची को बरामद करने की गुहार लगाई। एसपी आनंद कुलकर्णी के निर्देश पर सीओ सिटी विशाल विक्रम सिंह, नगर कोतवाल संतोष सिंह ने मामले की जांच व आरोपियों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया। पुलिस की एक टीम लखनऊ भी गई क्योंकि जिस नंबर से बच्ची की मां को फोन आया वह लखनऊ का एक लैंड लाइन नंबर था। मंगलवार शाम करीब साढे़ सात बजे बच्ची की मां के मोबाइल पर लखनऊ से फोन आया कि उनकी बच्ची चारबाग स्टेशन पर है। उस व्यक्ति ने बताया कि बच्ची के हाथ पर यह मोबाइल नंबर लिखा था उसे देखकर ही फोन किया गया है। यह सुनते ही मां-बाप ने एसपी को सूचना दी और एसपी के निर्देश पर उनके साथ पुलिस टीम को लखनऊ भेजा जहां रात पौने दस बजे पुलिस ने बच्ची को चारबाग से बरामद कर लिया। पुलिस अब अपहरणकर्ताओं व फोन से फिरौती मांगने वालों की तलाश में जुट गई है।
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