{"_id":"59bc1d094f1c1b24688b4c7b","slug":"81505500425-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छंदवल माइनर कटी, 600 बीघा फसल जलमग्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छंदवल माइनर कटी, 600 बीघा फसल जलमग्र
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुढियामऊ (बाराबंकी)। माइनर की सिल्ट सफाई में बरती गई लापरवाही के चलते बृहस्पतिवार देर रात छंदवल माइनर ग्राम मीरामऊ व नंदऊपारा गांव के पास दो जगहों पर कट गई। जिससे आसपास के किसानों की करीब 6 सौ बीघा धान फसल जलमग्न हो गई। इससे पांच गांवों के किसान प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग को दी, लेकिन शाम तक विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
क्षेत्र के ग्राम मीरामऊ के पास छंदवल माइनर करीब साढ़े तीन मीटर व नंदऊपारा गांव के समीप करीब दो मीटर कट गई। जिससे माइनर का पानी आसपास के खेतों में भर गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। ग्रामीणों ने रेगुलेटर से पानी बंद कर माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी। माइनर कटने से पांच गांव मीरामऊ, रानीमऊ, अल्लापुर, पासिनपुरवा और लोकईपुरवा के किसान प्रभावित हुए हैं। माइनर कटने से धान की करीब 6 सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। जिसमें अल्लापुर निवासी जसवंत सिंह की 10 बीघा, रामशंकर की 16 बीघा, जयकरन की 6 बीघा, हनोमान की 4 बीघा, राजाराम की 7 बीघा, अवधेश की 4 बीघा, मंगल प्रसाद की 12 बीघा, मुनीम की 6 बीघा, श्याम सुंदर की 5 बीघा, भारत सिंह की 16 बीघा, राकेश की 8 बीघा, गुड्डू की 4 बीघा, राजेंद्र की 8 बीघा, पासिनपुरवा निवासी श्रीराम की 4 बीघा, रानीमऊ निवासी अवधेश की 6 बीघा, राजेंद्र की 9 बीघा समेत करीब कई किसानों की 6 सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में ज्यादा दिन रहने से नष्ट हो जाएगी। बताया कि माइनर की सफाई कराई गई लेकिन पुल के नीचे की सिल्ट व झाड़ी की सफाई नहीं कराई गई। जिसके चलते पानी आगे नहीं बढ़ सका और माइनर कट गई। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटी माइनर को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन माइनर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
-
पटाई में हीलाहवाली किसानों पर पड़ रही भारी
सिल्ट सफाई में सिंचाई विभाग द्वारा निभाई गई औपचारिकता व किसानों द्वारा काटे गए कुलाबा की पटाई में हीलाहवाली किसानों पर भारी पड़ रही है। सिंचाई विभाग द्वारा जैसे तैसे सिल्ट सफाई कराकर पानी छोड़ दिया जाता है और पानी संग सिल्ट सफाई की धांधली भी बह जाती है। वहीं किसानों द्वारा अपने खेत तक पानी पहुंचाने के लिए बनाए गए कुलाबे से खेत में पानी पहुंचाने के प्रयास में किसान पटरी काटकर पानी ले जाते हैं और उसकी पटाई ठीक तरीकेे से नहीं करते। जिससे पानी छोड़े जाने पर पटरी कमजोर जगह से कट जाती है।
विज्ञापन
-
छंदवल माइनर कटने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा और माइनर की पटरी को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके अलावा यदि सिल्ट सफाई में लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- सुप्रभात सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम मीरामऊ के पास छंदवल माइनर करीब साढ़े तीन मीटर व नंदऊपारा गांव के समीप करीब दो मीटर कट गई। जिससे माइनर का पानी आसपास के खेतों में भर गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। ग्रामीणों ने रेगुलेटर से पानी बंद कर माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी। माइनर कटने से पांच गांव मीरामऊ, रानीमऊ, अल्लापुर, पासिनपुरवा और लोकईपुरवा के किसान प्रभावित हुए हैं। माइनर कटने से धान की करीब 6 सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। जिसमें अल्लापुर निवासी जसवंत सिंह की 10 बीघा, रामशंकर की 16 बीघा, जयकरन की 6 बीघा, हनोमान की 4 बीघा, राजाराम की 7 बीघा, अवधेश की 4 बीघा, मंगल प्रसाद की 12 बीघा, मुनीम की 6 बीघा, श्याम सुंदर की 5 बीघा, भारत सिंह की 16 बीघा, राकेश की 8 बीघा, गुड्डू की 4 बीघा, राजेंद्र की 8 बीघा, पासिनपुरवा निवासी श्रीराम की 4 बीघा, रानीमऊ निवासी अवधेश की 6 बीघा, राजेंद्र की 9 बीघा समेत करीब कई किसानों की 6 सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में ज्यादा दिन रहने से नष्ट हो जाएगी। बताया कि माइनर की सफाई कराई गई लेकिन पुल के नीचे की सिल्ट व झाड़ी की सफाई नहीं कराई गई। जिसके चलते पानी आगे नहीं बढ़ सका और माइनर कट गई। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटी माइनर को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन माइनर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
-
पटाई में हीलाहवाली किसानों पर पड़ रही भारी
सिल्ट सफाई में सिंचाई विभाग द्वारा निभाई गई औपचारिकता व किसानों द्वारा काटे गए कुलाबा की पटाई में हीलाहवाली किसानों पर भारी पड़ रही है। सिंचाई विभाग द्वारा जैसे तैसे सिल्ट सफाई कराकर पानी छोड़ दिया जाता है और पानी संग सिल्ट सफाई की धांधली भी बह जाती है। वहीं किसानों द्वारा अपने खेत तक पानी पहुंचाने के लिए बनाए गए कुलाबे से खेत में पानी पहुंचाने के प्रयास में किसान पटरी काटकर पानी ले जाते हैं और उसकी पटाई ठीक तरीकेे से नहीं करते। जिससे पानी छोड़े जाने पर पटरी कमजोर जगह से कट जाती है।
विज्ञापन
-
छंदवल माइनर कटने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा और माइनर की पटरी को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके अलावा यदि सिल्ट सफाई में लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- सुप्रभात सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई