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75 साल के शुकरू के सिर सेहरा, नाती-पोता बने बाराती
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 27 May 2017 11:29 PM IST
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रामसनेहीघाट के भानपुर निवासी 75 वर्षीय शुकरू ने रचाया विवाह।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के एक 75 वर्षीय वृद्ध ने पचास साल पहले जिससे प्रेम करके अपना बना लिया था आज उसके साथ हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी कर ली। इस अनोखी शादी में उसके पुत्र, पुत्री, दामाद, नाती, पोता के साथ गांव जवार के लोग बाराती बने। गाजे-बाजे के साथ बारात गांव में ही घुमाई गई।
क्षेत्र के ग्राम भानपुर में सुबह से बैंड बाजा की मधुर धुनों के बीच लोग बारात जाने की तैयारी मे व्यस्त थे। दरवाजे पर मेहमानों के लिए भोजन तैयार हो रहा था और लोग इस अनोखी शादी को देखने की के लिए लालायित थे।
75 वर्षीय शुकरू रावत सुबह से ही बारात की तैयारी में जुटे थे और लोगों से समय पर बारात चलने की चिरौरी कर रहे थे। शुकरू के तीन पुत्र दो पुत्री व उनकी बहुओं के साथ उनके नाती पोता दामाद सब हैं और सभी इस शादी में बेहद उल्लास के साथ शामिल होने की कई दिन से तैयारी कर रहे थे।
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शुकरू ने 50 साल पहले रजपता को प्यार करके अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था। लेकिन गरीबी के चलते वह शादी नहीं कर पाए थे। उन्होंने शनिवार को रजपता को सामाजिक तौर पर जीवनसंगिनी का का दर्जा देते हुए विधिवत शादी कर ली।
बारातियों की अगवानी एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई तथा गांव क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को आमंत्रित किया गया। ग्राम प्रधान इस अनोखी शादी के साक्षी बने। शुकरू ने बताया कि शादी करने की उनकी तमन्ना 50 साल से थी। लेकिन वह अब तक पूरा नहीं कर सके थे। शुकरू की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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क्षेत्र के ग्राम भानपुर में सुबह से बैंड बाजा की मधुर धुनों के बीच लोग बारात जाने की तैयारी मे व्यस्त थे। दरवाजे पर मेहमानों के लिए भोजन तैयार हो रहा था और लोग इस अनोखी शादी को देखने की के लिए लालायित थे।
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75 वर्षीय शुकरू रावत सुबह से ही बारात की तैयारी में जुटे थे और लोगों से समय पर बारात चलने की चिरौरी कर रहे थे। शुकरू के तीन पुत्र दो पुत्री व उनकी बहुओं के साथ उनके नाती पोता दामाद सब हैं और सभी इस शादी में बेहद उल्लास के साथ शामिल होने की कई दिन से तैयारी कर रहे थे।
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शुकरू ने 50 साल पहले रजपता को प्यार करके अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था। लेकिन गरीबी के चलते वह शादी नहीं कर पाए थे। उन्होंने शनिवार को रजपता को सामाजिक तौर पर जीवनसंगिनी का का दर्जा देते हुए विधिवत शादी कर ली।
बारातियों की अगवानी एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई तथा गांव क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को आमंत्रित किया गया। ग्राम प्रधान इस अनोखी शादी के साक्षी बने। शुकरू ने बताया कि शादी करने की उनकी तमन्ना 50 साल से थी। लेकिन वह अब तक पूरा नहीं कर सके थे। शुकरू की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।