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72 अध्यक्ष तो 803 सदस्य-सभासद प्रत्याशियों की जब्त हुई जमानत
बाराबंकी
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नगर निकाय चुनाव की मतगणना के बाद अध्यक्ष पद के 72 तो सदस्य/सभासद पद के 803 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इनमें भाजपा, बसपा व कांग्रेस के छह-छह तो सपा के चार अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं नामांकन पत्रों की बिक्री व प्रत्याशियों की जब्त हुई जमानत से शासन को लाखों रुपये का राजस्व मिला है। आरओ द्वारा रिपोर्ट तैयार कर निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जा रही है।
बीते एक दिसंबर को मतगणना के साथ समाप्त हुए नगर निकाय चुनाव में शासन को भारी राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले की एक नगर पालिका परिषद समेत 13 निकायों में अध्यक्ष व सभासद पदों के लिए चुनाव लड़ने को कुुल 1201 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे थे।
जिनमें अध्यक्ष पद के लिए 145 और सदस्य पद के लिए 1056 लोगों ने निर्धारित राशि से प्रपत्रों की खरीद की थी। जिसमें प्रशासन को लगभग 1 लाख 68 हजार 150 रुपये की धनराशि राजस्व के रूप में प्राप्त हुई थी।
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इसमें नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के नामांकन पत्र का मूल्य 500 तो नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रपत्र का मूल्य 250 रुपये आयोग द्वारा निर्धारित किया गया था। इसी प्रकार पालिका परिषद के सभासद पद के लिए 200 तो नगर पंचायत के सदस्य पदों के नामांकन पत्र खरीदने के लिए 100 रुपये की धनराशि आयोग ने निर्धारित की थी।
इसी प्रकार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग जमानत राशि निर्धारित की गई थी। जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 8 हजार तो नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 5 हजार की राशि निर्धारित थी। जबकि नगर पंचायत सदस्य व नगर पालिका सदस्य पदों के लिए दो हजार रुपये जमानत राशि आयोग ने फिक्स की थी।
बीते 01 दिसंबर को हुुई मतगणना में अध्यक्ष पद के 72 तो सदस्य पद के 803 प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई। जिससे शासन को 27 लाख 69 हजार राजस्व की धनराशि जब्तीकरण के रूप में प्राप्त हुई है।
नामांकन पत्रों की बिक्री व जमानत राशि पर एक नजर : नगर पालिका अध्यक्ष पद के फॉर्म बिक्री से जहां 11 हजार 500 सौ रुपये प्राप्त हुए। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन पत्रों की बिक्री से लगभग 25 हजार 750 रुपये की धनराशि मिली।
इसी प्रकार नगर पालिका परिषद के सदस्य पदों प्रपत्रों की बिक्री से 50 हजार 600 रुपये प्राप्त हुए वहीं नगर पंचायतों के सदस्यों की फॉर्म बिक्री से करीब 80 हजार 300 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जमानत राशि की बात करें अध्यक्ष के 72 प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने से लगभग 6 लाख 91 हजार तो निकायों के सदस्य पदों के 803 प्रत्याशियों के जमानत जब्त होने से करीब 20 लाख 78 हजार रुपये का राजस्व मिला है।
पार्टी के सिंबल पर लड़ने वाले अध्यक्ष पद के 22 प्रत्याशी जमानत ही नहीं बचा सके : निकाय चुुनाव में पार्टी के सिंबल पर लड़ने वाले अध्यक्ष पद के 22 प्रत्याशी अपनी जमानत ही नहीं बचा सके। नियमानुसार पोल हुए वोटों में से 20 प्रतिशत से कम वोट मिलने पर प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त हो जाती है। इनमें भाजपा, बसपा व कांग्रेस के छह-छह तो समाजवादी पार्टी के चार प्रत्याशी शामिल हैं। इन प्रत्याशियों ने संबंधित निकायों में पड़े मतों के सापेक्ष 20 प्रतिशत मत भी नहीं मिले।
नामांकन प्रपत्रों की बिक्री व प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त होने से करीब 29 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी आरओ द्वारा कार्यालय में डिटेल उपलब्ध करा रहे हैं। - राजीव कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, नगरीय निकाय
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बीते एक दिसंबर को मतगणना के साथ समाप्त हुए नगर निकाय चुनाव में शासन को भारी राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले की एक नगर पालिका परिषद समेत 13 निकायों में अध्यक्ष व सभासद पदों के लिए चुनाव लड़ने को कुुल 1201 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे थे।
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जिनमें अध्यक्ष पद के लिए 145 और सदस्य पद के लिए 1056 लोगों ने निर्धारित राशि से प्रपत्रों की खरीद की थी। जिसमें प्रशासन को लगभग 1 लाख 68 हजार 150 रुपये की धनराशि राजस्व के रूप में प्राप्त हुई थी।
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इसमें नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के नामांकन पत्र का मूल्य 500 तो नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रपत्र का मूल्य 250 रुपये आयोग द्वारा निर्धारित किया गया था। इसी प्रकार पालिका परिषद के सभासद पद के लिए 200 तो नगर पंचायत के सदस्य पदों के नामांकन पत्र खरीदने के लिए 100 रुपये की धनराशि आयोग ने निर्धारित की थी।
इसी प्रकार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग जमानत राशि निर्धारित की गई थी। जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 8 हजार तो नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 5 हजार की राशि निर्धारित थी। जबकि नगर पंचायत सदस्य व नगर पालिका सदस्य पदों के लिए दो हजार रुपये जमानत राशि आयोग ने फिक्स की थी।
बीते 01 दिसंबर को हुुई मतगणना में अध्यक्ष पद के 72 तो सदस्य पद के 803 प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई। जिससे शासन को 27 लाख 69 हजार राजस्व की धनराशि जब्तीकरण के रूप में प्राप्त हुई है।
नामांकन पत्रों की बिक्री व जमानत राशि पर एक नजर : नगर पालिका अध्यक्ष पद के फॉर्म बिक्री से जहां 11 हजार 500 सौ रुपये प्राप्त हुए। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन पत्रों की बिक्री से लगभग 25 हजार 750 रुपये की धनराशि मिली।
इसी प्रकार नगर पालिका परिषद के सदस्य पदों प्रपत्रों की बिक्री से 50 हजार 600 रुपये प्राप्त हुए वहीं नगर पंचायतों के सदस्यों की फॉर्म बिक्री से करीब 80 हजार 300 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जमानत राशि की बात करें अध्यक्ष के 72 प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने से लगभग 6 लाख 91 हजार तो निकायों के सदस्य पदों के 803 प्रत्याशियों के जमानत जब्त होने से करीब 20 लाख 78 हजार रुपये का राजस्व मिला है।
पार्टी के सिंबल पर लड़ने वाले अध्यक्ष पद के 22 प्रत्याशी जमानत ही नहीं बचा सके : निकाय चुुनाव में पार्टी के सिंबल पर लड़ने वाले अध्यक्ष पद के 22 प्रत्याशी अपनी जमानत ही नहीं बचा सके। नियमानुसार पोल हुए वोटों में से 20 प्रतिशत से कम वोट मिलने पर प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त हो जाती है। इनमें भाजपा, बसपा व कांग्रेस के छह-छह तो समाजवादी पार्टी के चार प्रत्याशी शामिल हैं। इन प्रत्याशियों ने संबंधित निकायों में पड़े मतों के सापेक्ष 20 प्रतिशत मत भी नहीं मिले।
नामांकन प्रपत्रों की बिक्री व प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त होने से करीब 29 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी आरओ द्वारा कार्यालय में डिटेल उपलब्ध करा रहे हैं। - राजीव कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, नगरीय निकाय