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मिल मालिकों ने सौंपा मांगों का ज्ञापन
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:50 PM IST
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मिल मालिकों ने सौंपा मांगों का ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को अपनी मांगों का ज्ञापन उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है इस वर्ष धान खरीद को लेकर जारी होने वाली नीति में संशोधन की मांग मुख्यमंत्री से की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला को सौंपे गए ज्ञापन में मिल संचालकों ने लिखा है कि धान की कुटाई का दस रुपया क्विंटल दिया जा रहा है जबकि अन्य प्रदेशों में सौ रुपया है। इसके अलावा जिले का किसान हाइब्रिड धान की बोआई ज्यादा करता है जिसमें चावल की रिकवरी की मात्रा काफी कम होती है और टूटन बहुत होती है जिससे सरकार द्वारा निर्धारित मानक 67 प्रतिशत प्रति क्विंटल दे पाना संभव नहीं है। इसके अलावा धान से तैयार चावल को उतारने में एफसीआई कर्मी काफी परेशान करते हैं। आरोप लगाया कि खुलेआम पैसों की मांग की जाती है और पैसा नहीं दिए जाने पर चावल को मानक विपरीत बता गोदाम से ट्रक लौटा दिए जाते हैं जिससे मिलर्स का काफी नुकसान होता है। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और धान खरीद नीति में संशोधन कराए जाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पूर्णमासी वर्मा, अमूल वर्मा, श्यामू वर्मा, पवन कुमार वर्मा, राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को अपनी मांगों का ज्ञापन उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है इस वर्ष धान खरीद को लेकर जारी होने वाली नीति में संशोधन की मांग मुख्यमंत्री से की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला को सौंपे गए ज्ञापन में मिल संचालकों ने लिखा है कि धान की कुटाई का दस रुपया क्विंटल दिया जा रहा है जबकि अन्य प्रदेशों में सौ रुपया है। इसके अलावा जिले का किसान हाइब्रिड धान की बोआई ज्यादा करता है जिसमें चावल की रिकवरी की मात्रा काफी कम होती है और टूटन बहुत होती है जिससे सरकार द्वारा निर्धारित मानक 67 प्रतिशत प्रति क्विंटल दे पाना संभव नहीं है। इसके अलावा धान से तैयार चावल को उतारने में एफसीआई कर्मी काफी परेशान करते हैं। आरोप लगाया कि खुलेआम पैसों की मांग की जाती है और पैसा नहीं दिए जाने पर चावल को मानक विपरीत बता गोदाम से ट्रक लौटा दिए जाते हैं जिससे मिलर्स का काफी नुकसान होता है। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और धान खरीद नीति में संशोधन कराए जाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पूर्णमासी वर्मा, अमूल वर्मा, श्यामू वर्मा, पवन कुमार वर्मा, राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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