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मारफीन के साथ पकड़ने के बाद दो तस्करों को थाने से छोड़ा !
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:04 AM IST
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मारफीन के साथ पकड़ने के बाद दो तस्करों को थाने से छोड़ा
बाराबंकी। जिले की असंद्रा पुलिस का एक कारनामा दो दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। शातिर मारफीन तस्करों को भारी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तारी के बाद थाने से छोड़ने का कारनामा असंद्रा पुलिस ने कर दिखाया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह जानकारी से इंकार करते हुए कहते है कि पूरे प्रकरण की जांच सीओ रामसनेहीघाट से कराएंगे। यही नहीं बरामद हुए मादक पदार्थ के साथ एक नशेड़ी को जेल भेजने का ताना बाना पुलिस का तब धरा रह गया जब एक माननीय ने हस्तक्षेप कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी छोड़ दिया है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक असंद्रा पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का एक तस्कर दूसरे तस्कर को मारफीन देने जा रहा है। इस दौरान पुलिस ने शुक्रवार को रामसनेहीघाट के पास से दोनों मारफीन तस्करों को पकड़ लिया। पकड़े गए तस्करों में एक फैजाबाद जिले का व एक असंद्रा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। इनके पास से भारी मात्रा में मारफीन की बरामदगी भी हुई थी। बताया जा रहा है जो असंद्रा क्षेत्र का तस्कर था वह दूसरे तस्कर से मिलने जाने के दौरान अपने साथ एक मारफीन पियक्कड़ भी लेकर गया था। पुलिस ने जब मुख्य तस्करों को शुक्रवार की शाम को ही लेन देन करने के बाद छोड़ दिया तो मारफीन पियक्कड़ को हिरासत में लेकर उसे जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी। इस बीच जब इसकी जानकारी क्षेत्र में फैली कि एक बेकसूर को पुलिस तस्करी में जेल भेजना चाहती है तो सत्ताधारी दल के एक नेता के पास पीड़ित के परिवारीजन पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद नेताजी के दबाव पर पुलिस ने शनिवार की शाम उसे भी छोड़ दिया। इस बात को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चा की जा रही है। हालांकि यह कोई नहीं बता रहा है कि पुलिस ने कितनी मारफीन बरामद की थी व कितने पैसे लेकर तस्करों को छोड़ा गया है।
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सीओ रामसनेहीघाट को सौंपी जांच
असंद्रा पुलिस द्वारा दो मारफीन तस्करों को पकड़कर छोड़ने की जानकारी नहीं है। सूचना के आधार पर मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच सीओ रामसनेहीघाट से सौंपी गई है। यदि जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई होगी।
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- अनिल कुमार सिंह, एसपी
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बाराबंकी। जिले की असंद्रा पुलिस का एक कारनामा दो दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। शातिर मारफीन तस्करों को भारी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तारी के बाद थाने से छोड़ने का कारनामा असंद्रा पुलिस ने कर दिखाया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह जानकारी से इंकार करते हुए कहते है कि पूरे प्रकरण की जांच सीओ रामसनेहीघाट से कराएंगे। यही नहीं बरामद हुए मादक पदार्थ के साथ एक नशेड़ी को जेल भेजने का ताना बाना पुलिस का तब धरा रह गया जब एक माननीय ने हस्तक्षेप कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी छोड़ दिया है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक असंद्रा पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र का एक तस्कर दूसरे तस्कर को मारफीन देने जा रहा है। इस दौरान पुलिस ने शुक्रवार को रामसनेहीघाट के पास से दोनों मारफीन तस्करों को पकड़ लिया। पकड़े गए तस्करों में एक फैजाबाद जिले का व एक असंद्रा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। इनके पास से भारी मात्रा में मारफीन की बरामदगी भी हुई थी। बताया जा रहा है जो असंद्रा क्षेत्र का तस्कर था वह दूसरे तस्कर से मिलने जाने के दौरान अपने साथ एक मारफीन पियक्कड़ भी लेकर गया था। पुलिस ने जब मुख्य तस्करों को शुक्रवार की शाम को ही लेन देन करने के बाद छोड़ दिया तो मारफीन पियक्कड़ को हिरासत में लेकर उसे जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी। इस बीच जब इसकी जानकारी क्षेत्र में फैली कि एक बेकसूर को पुलिस तस्करी में जेल भेजना चाहती है तो सत्ताधारी दल के एक नेता के पास पीड़ित के परिवारीजन पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद नेताजी के दबाव पर पुलिस ने शनिवार की शाम उसे भी छोड़ दिया। इस बात को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चा की जा रही है। हालांकि यह कोई नहीं बता रहा है कि पुलिस ने कितनी मारफीन बरामद की थी व कितने पैसे लेकर तस्करों को छोड़ा गया है।
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सीओ रामसनेहीघाट को सौंपी जांच
असंद्रा पुलिस द्वारा दो मारफीन तस्करों को पकड़कर छोड़ने की जानकारी नहीं है। सूचना के आधार पर मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच सीओ रामसनेहीघाट से सौंपी गई है। यदि जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई होगी।
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- अनिल कुमार सिंह, एसपी