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डायरिया से पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची की मौत
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:19 AM IST
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डायरिया से पीड़ित बच्ची की मौत
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पीड़ित 74 लोगों को दी दवा
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। भागीखेड़ा गांव में उल्टी-दस्त से पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग टीम ने गांव में 74 लोगों को बीमारी से पीड़ित होने पर दवाएं दीं।
विकास खंड त्रिवेदीगंज के भागीखेड़ा मजरे बबुआपुर गांव में मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित मोहनी (5) पुत्री संजय की मौत हो गई। वहीं, गांव की रामा, अमरदीप (4) व दीपिका (15), लक्ष्मी (7) व साधना को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। मालूम हो कि 14 जुलाई को संजय, मीना, मोहनी व शिवा को उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर सीएचसी हैदरगढ़ लाया गया था। यहां पर पर्याप्त इलाज नहीं मिलने पर सभी निजी चिकित्सक से दवा करा रहे थे। इनके अलावा पड़ोसी सनेही, सुशील, मायाराम, रोशनी, चंद्रिका को बुखार होने पर त्रिवेदीगंज सीएचसी ले जाया गया था, लेकिन यहां पर इलाज नहीं मिला। डायरिया से गांव में मौत की सूचना पर चिकित्सकों ने गांव पहुंच कर बीमारी से प्रभावित करीब 74 लोगों को दवा दी। सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल ने कहा कि उल्टी-दस्त की समस्या पर लोगों का इलाज किया गया था, जिसके बाद सभी मरीज ठीक हो गए थे। दोबारा बीमारी की जानकारी पर स्वास्थ्य टीम गांव को भेजकर दवा देकर इलाज किया गया है। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि डायरिया से मौत का आरोप गलत है। बच्ची की मौत किसी अन्य बीमारी के कारण हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पीड़ित 74 लोगों को दी दवा
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। भागीखेड़ा गांव में उल्टी-दस्त से पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग टीम ने गांव में 74 लोगों को बीमारी से पीड़ित होने पर दवाएं दीं।
विकास खंड त्रिवेदीगंज के भागीखेड़ा मजरे बबुआपुर गांव में मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित मोहनी (5) पुत्री संजय की मौत हो गई। वहीं, गांव की रामा, अमरदीप (4) व दीपिका (15), लक्ष्मी (7) व साधना को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। मालूम हो कि 14 जुलाई को संजय, मीना, मोहनी व शिवा को उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर सीएचसी हैदरगढ़ लाया गया था। यहां पर पर्याप्त इलाज नहीं मिलने पर सभी निजी चिकित्सक से दवा करा रहे थे। इनके अलावा पड़ोसी सनेही, सुशील, मायाराम, रोशनी, चंद्रिका को बुखार होने पर त्रिवेदीगंज सीएचसी ले जाया गया था, लेकिन यहां पर इलाज नहीं मिला। डायरिया से गांव में मौत की सूचना पर चिकित्सकों ने गांव पहुंच कर बीमारी से प्रभावित करीब 74 लोगों को दवा दी। सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल ने कहा कि उल्टी-दस्त की समस्या पर लोगों का इलाज किया गया था, जिसके बाद सभी मरीज ठीक हो गए थे। दोबारा बीमारी की जानकारी पर स्वास्थ्य टीम गांव को भेजकर दवा देकर इलाज किया गया है। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि डायरिया से मौत का आरोप गलत है। बच्ची की मौत किसी अन्य बीमारी के कारण हुई है।
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