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अवैध शराब के कारोबार पर नहीं लग पा रहा अंकुश
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:03 AM IST
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बाराबंकी। जिले में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। तमाम प्रयास के बाद भी इस पर रोक नहीं लगाई जा सकी। नदियों से घिरे तराई बेल्ट व जिले के सीमावर्ती गांवों में नकली शराब का धंधा बेरोकटोक चल रहा है।
जिले में फल फूल रहे अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि पुलिस व आबकारी विभाग की टीमें लगातार छापेमारी अभियान चलाती रहती हैं लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले के सुबेहा, हैदरगढ़, टिकैतनगर, अंसद्रा, लोनीकटरा, कोठी, रामसनेहीघाट, दरियाबाद, बदोसरांय, रामनगर, कुर्सी, बड्डुपुर, घुंघटेर, देवां, जहांगीराबाद, सतरिख और सफदरगंज थाना क्षेत्रों मेें कई गांवों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। कुर्सी थाना क्षेत्र का गांव बीहड़पुरवा तो अवैध शराब के कारोबार मुख्य केंद्र बना चुका है।
हो चुकी है कई लोगों की मौत
मिलावटी शराब पीने से देवां क्षेत्र के जबरीकला गांव में बीते 31 दिसंबर 2009 को पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद देवा क्षेत्र के कुसुुंभा में भी इसी वर्ष जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत जबकि तीन लोगों को आंखों की रोशनी गवांनी पड़ी थी।
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केमिकल्स को होता इस्तेमाल
अवैध रूप से बनाई जाने वाली शराब में नशा बढ़ाने के लिए केमिकल्स के प्रयोग किया जाता है। इनमें यूरिया, नौसादर, ईस्ट आदि प्रमुख हैं। महुआ सड़ाने के दौरान इनके मिश्रण को इस्तेमाल किया जाता है। इससे तैयार शराब में अल्कोहल की मात्रा अधिक हो जाती है। इससे शराब जहरीली हो जाती है।
छह माह में पकड़ी गई पंद्रह हजार लीटर शराब
पुलिस व आबकारी विभाग की माने तो बीते छह माह में हुई कार्रवाई में करीब पंद्रह हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है। वहीं इस काम मेें लिप्त मिले पांच सौ से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसके बाद भी इस पर कोई खास रोक नहीं लग पा रही है।
अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाती है। विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहकर इस पर नजर रख रही है। जिले में जहां पर अवैध शराब का काम होने की जानकारी मिलती है वहां पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है। -संदीप मणि तिवारी, जिला आबकारी अधिकारी
अवैध शराब के कारोबार वाले इलाकों को चिह्नित कर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जाती है। इस काम में जो भी लिप्त मिलते हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है। -दिगंबर कुशवाहा, एएसपी उत्तरी
जिले में फल फूल रहे अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि पुलिस व आबकारी विभाग की टीमें लगातार छापेमारी अभियान चलाती रहती हैं लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले के सुबेहा, हैदरगढ़, टिकैतनगर, अंसद्रा, लोनीकटरा, कोठी, रामसनेहीघाट, दरियाबाद, बदोसरांय, रामनगर, कुर्सी, बड्डुपुर, घुंघटेर, देवां, जहांगीराबाद, सतरिख और सफदरगंज थाना क्षेत्रों मेें कई गांवों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। कुर्सी थाना क्षेत्र का गांव बीहड़पुरवा तो अवैध शराब के कारोबार मुख्य केंद्र बना चुका है।
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हो चुकी है कई लोगों की मौत
मिलावटी शराब पीने से देवां क्षेत्र के जबरीकला गांव में बीते 31 दिसंबर 2009 को पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद देवा क्षेत्र के कुसुुंभा में भी इसी वर्ष जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत जबकि तीन लोगों को आंखों की रोशनी गवांनी पड़ी थी।
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केमिकल्स को होता इस्तेमाल
अवैध रूप से बनाई जाने वाली शराब में नशा बढ़ाने के लिए केमिकल्स के प्रयोग किया जाता है। इनमें यूरिया, नौसादर, ईस्ट आदि प्रमुख हैं। महुआ सड़ाने के दौरान इनके मिश्रण को इस्तेमाल किया जाता है। इससे तैयार शराब में अल्कोहल की मात्रा अधिक हो जाती है। इससे शराब जहरीली हो जाती है।
छह माह में पकड़ी गई पंद्रह हजार लीटर शराब
पुलिस व आबकारी विभाग की माने तो बीते छह माह में हुई कार्रवाई में करीब पंद्रह हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है। वहीं इस काम मेें लिप्त मिले पांच सौ से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसके बाद भी इस पर कोई खास रोक नहीं लग पा रही है।
अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाती है। विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहकर इस पर नजर रख रही है। जिले में जहां पर अवैध शराब का काम होने की जानकारी मिलती है वहां पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है। -संदीप मणि तिवारी, जिला आबकारी अधिकारी
अवैध शराब के कारोबार वाले इलाकों को चिह्नित कर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जाती है। इस काम में जो भी लिप्त मिलते हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है। -दिगंबर कुशवाहा, एएसपी उत्तरी