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फिर शहर लौटी तेंदुए की दहशत, नबीगंज में बछड़े पर किया हमला
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:47 PM IST
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फिर शहर लौटी तेंदुए की दहशत, नबीगंज में बछड़े पर किया हमला
बाराबंकी। तीन माह से दहशत में जी रहे शहरवासियों के होश उस समय उड़ गए, जब मंगलवार सुबह नबीगंज में सड़क पर कई जगह खून फैला देखा। खून से सने तेंदुए के पगचिह्न मिले व एक बछड़ा घायल पड़ा मिला। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्न की फोटो ग्राफी कराने के बाद जांच के लिए भेजा है। मोहल्ले वासियों में दहशत का माहौल देख अधिकारियों ने सतर्क रहने की बात कही है।
तीन माह से तेंदुए का कुनबा जिले में दहशत का पर्याय बना है। 13 अगस्त को बंद शुुगर मिल में पकड़े गए नर तेंदुए के बाद उसके दो शावक व एक मादा तेंदुआ उसे खोजने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर विचरण कर रहे हैं। बंकी, मोहम्मदपुर में देेखे जाने के बाद तेंदुए का कुनबा बंधौली, हजरपुर, कबीरपुर, करपिया होते हुए बांसा जा पहुंचा। उसके बाद गणेनशपुर क्षेत्र होते हुए नदी के किनारे पहुंच गया था। तीन दिन से फिर तेंदुए का वापस लौटते हुए बांसा के आस पास देखा गया था। मंगलवार सुबह शहर के सिटी चौकी क्षेत्र के नबीगंज में हफीज व रईस अहमद करीब चार बजे किसी जानवर के चीखने की आहट पर जागे तो बाहर जाकर देखा कि खून पड़ा था। दोबारा कोई आहट न होने पर वह मोहल्ले वासियों को इसकी सूचना दी। लोगों ने खून के धब्बे जैनुल आब्दीन, आमिर, सिराज, पुन्ना व असलम के घर के पास तक देखा। वहीं पास के एक खाली पड़े प्लाट में एक बछड़ा कांप रहा था। लोगों ने देखा तो उसके शरीर पर नोचने के निशान थे। कई स्थानों पर बड़े पगचिन्ह देख तेंदुआ होने की जानकारी पुलिस व वन विभाग की टीम को दी गई। मौके पर पहुंचे वन दरोगा अनिल कांत गुप्ता ने पगचिह्नों की फोटोग्राफी कराने के बाद लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
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तेंदुआ नर मादा की खोज में लगता है कि भटक रहा है। बांसा गांव के आस पास देखने का लोगों ने दावा किया है। मंगलवार को जो नबीगंज में खून से सने पगचिह्न मिले हैं उससे किसी अन्य जंगली जानवर प्रतीत हो रहा है। फिर भी लोगों को सतर्क रहने के साथ ही आस पास कांबिंग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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- जावेद अख्तर, डीएफओ
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बाराबंकी। तीन माह से दहशत में जी रहे शहरवासियों के होश उस समय उड़ गए, जब मंगलवार सुबह नबीगंज में सड़क पर कई जगह खून फैला देखा। खून से सने तेंदुए के पगचिह्न मिले व एक बछड़ा घायल पड़ा मिला। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्न की फोटो ग्राफी कराने के बाद जांच के लिए भेजा है। मोहल्ले वासियों में दहशत का माहौल देख अधिकारियों ने सतर्क रहने की बात कही है।
तीन माह से तेंदुए का कुनबा जिले में दहशत का पर्याय बना है। 13 अगस्त को बंद शुुगर मिल में पकड़े गए नर तेंदुए के बाद उसके दो शावक व एक मादा तेंदुआ उसे खोजने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर विचरण कर रहे हैं। बंकी, मोहम्मदपुर में देेखे जाने के बाद तेंदुए का कुनबा बंधौली, हजरपुर, कबीरपुर, करपिया होते हुए बांसा जा पहुंचा। उसके बाद गणेनशपुर क्षेत्र होते हुए नदी के किनारे पहुंच गया था। तीन दिन से फिर तेंदुए का वापस लौटते हुए बांसा के आस पास देखा गया था। मंगलवार सुबह शहर के सिटी चौकी क्षेत्र के नबीगंज में हफीज व रईस अहमद करीब चार बजे किसी जानवर के चीखने की आहट पर जागे तो बाहर जाकर देखा कि खून पड़ा था। दोबारा कोई आहट न होने पर वह मोहल्ले वासियों को इसकी सूचना दी। लोगों ने खून के धब्बे जैनुल आब्दीन, आमिर, सिराज, पुन्ना व असलम के घर के पास तक देखा। वहीं पास के एक खाली पड़े प्लाट में एक बछड़ा कांप रहा था। लोगों ने देखा तो उसके शरीर पर नोचने के निशान थे। कई स्थानों पर बड़े पगचिन्ह देख तेंदुआ होने की जानकारी पुलिस व वन विभाग की टीम को दी गई। मौके पर पहुंचे वन दरोगा अनिल कांत गुप्ता ने पगचिह्नों की फोटोग्राफी कराने के बाद लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
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तेंदुआ नर मादा की खोज में लगता है कि भटक रहा है। बांसा गांव के आस पास देखने का लोगों ने दावा किया है। मंगलवार को जो नबीगंज में खून से सने पगचिह्न मिले हैं उससे किसी अन्य जंगली जानवर प्रतीत हो रहा है। फिर भी लोगों को सतर्क रहने के साथ ही आस पास कांबिंग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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- जावेद अख्तर, डीएफओ