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पुल के मरम्मत का कार्य पूरा, पुराने पुल का आज निरीक्षण करेंगे अधिकारी
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:48 PM IST
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रेठ नदी पर बने पुल की मरम्मत का कार्य पूरा
बाराबंकी। लखनऊ-बाराबंकी हाईवे पर आलापुर के पास बने नवनिर्मित पुल के एप्रोच में आई दरार की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। अफसरों की मानें तो अब पुल से गुजरने वालों को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, बगल में बने पुराने पुल में जंग खाकर सरिया बाहर दिखाई देने व बीम के दरकने से खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारी बुधवार को निरीक्षण कर पुल से संबंधित फैसला लेंगे।
आलापुर के पास पुराने सकरे पुल के बगल में दो करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। पहली बारिश में ही एप्रोच में आई दरार व धंसने से निर्माण कार्य में की गई धांधली की पोल खुल गई। अमर उजाला ने इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया जिससे हरकत में आए विभाग ने आनन-फानन मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। यह तेजी सिर्फ एक दिन ही दिखी। जेई एके शुक्ला ने तीन दिन में पूरा कार्य कराने का दावा किया था। सुस्त रफ्तार से चल रहे मरम्मत कार्य में एक सप्ताह का समय लग गया जिससे इस बीच राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुल की मरम्मत हो जाने से आस पास के लोगों व राहगीरों ने अब राहत की सांस ली है। वहीं पुराने जर्जर पुल के बीम में कई स्थानों पर जंग खाकर बाहर निकली सरिया व एक बीम के दरकने से लोग इसे खतरनाक बता रहे हैं। बुधवार को अधिकारियों द्वारा पुराने पुल का निरीक्षण करने की बात कही गई है।
वर्जन-
पुल के मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। पुराने पुल के बीम दरकने की जानकारी नहीं है। मैं स्वयं मौके पर जाकर जांच करूंगा। अगर सरिया दिखने लगी है तो पुल खतरनाक हो सकता है, चलने योग्य न होने पर उसे तोड़वाकर दोबारा निर्माण कराने के लिए कार्ययोजना में डाला जाएगा।
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- ओपी सोनकर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड तीन
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बाराबंकी। लखनऊ-बाराबंकी हाईवे पर आलापुर के पास बने नवनिर्मित पुल के एप्रोच में आई दरार की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। अफसरों की मानें तो अब पुल से गुजरने वालों को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, बगल में बने पुराने पुल में जंग खाकर सरिया बाहर दिखाई देने व बीम के दरकने से खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारी बुधवार को निरीक्षण कर पुल से संबंधित फैसला लेंगे।
आलापुर के पास पुराने सकरे पुल के बगल में दो करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। पहली बारिश में ही एप्रोच में आई दरार व धंसने से निर्माण कार्य में की गई धांधली की पोल खुल गई। अमर उजाला ने इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया जिससे हरकत में आए विभाग ने आनन-फानन मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। यह तेजी सिर्फ एक दिन ही दिखी। जेई एके शुक्ला ने तीन दिन में पूरा कार्य कराने का दावा किया था। सुस्त रफ्तार से चल रहे मरम्मत कार्य में एक सप्ताह का समय लग गया जिससे इस बीच राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुल की मरम्मत हो जाने से आस पास के लोगों व राहगीरों ने अब राहत की सांस ली है। वहीं पुराने जर्जर पुल के बीम में कई स्थानों पर जंग खाकर बाहर निकली सरिया व एक बीम के दरकने से लोग इसे खतरनाक बता रहे हैं। बुधवार को अधिकारियों द्वारा पुराने पुल का निरीक्षण करने की बात कही गई है।
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वर्जन-
पुल के मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। पुराने पुल के बीम दरकने की जानकारी नहीं है। मैं स्वयं मौके पर जाकर जांच करूंगा। अगर सरिया दिखने लगी है तो पुल खतरनाक हो सकता है, चलने योग्य न होने पर उसे तोड़वाकर दोबारा निर्माण कराने के लिए कार्ययोजना में डाला जाएगा।
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- ओपी सोनकर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड तीन