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Barabanki News: कॉलेज के नाम पर 50 लाख डकारे

Tue, 09 Apr 2024 03:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Tue, 09 Apr 2024 03:03 AM IST
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50 lakh rupees in the name of college
बाराबंकी। रामनगर में फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज का खुलासा हुआ है। अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन पैरामेडिकल द्वारा दी गई फ्रेंचाइजी के बाद बीते तीन साल में करीब 50 विद्यार्थियों ने प्रवेश भी ले लिया। फ्रेंचाइजी लेने वाले एक स्कूल के प्रबंधक को जब फर्जीवाड़ा का पता चला तो उन्होंने शिकायत की। आखिरकार अदालत के आदेश पर रामनगर कोतवाली में फ्रेंचाइजी देने वाले कथित ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज किया गया है। कॉलेज के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
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कस्बा रामनगर के प्रमोद कुमार उपाध्याय धमेड़ी मोहल्ले में सरस्वती विद्या मंदिर चलाते हैं। इन्होंने न्यायालय एसीजेएम कोर्ट संख्या-19 को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि जुलाई 2020 में अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के प्रशासनिक अधिकारी व चेयरमैन इंदर पोरवार और सचिव पंकज पोरवार के साथ दो अज्ञात व्यक्ति चार पहिया वाहन से रामनगर आए थे। इन लोगों ने बताया था कि वह अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के नाम से पैरामेडिकल कोर्स के लिए संस्था चलाते हैं, जिसका रजिस्ट्रेशन आयुष पैरामेडिकल काउंसिलिंग ऑफ इंडिया से है।
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प्रमोद कुमार के अनुसार सुरक्षा राशि के रूप में 10 लाख रुपये देने पर मशीनरी पर प्रयोगशाला से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षकों की बैठक हुई। ग्रुप ऑफ कॉलेज से संबंधित बुकलेट और तमाम प्रकार के कागजात दिखाए गए। विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रांतीय सरकारी संस्थानों से मान्यता प्राप्त होने के अभिलेख भी दिखाए। 15 अक्तूबर 2020 को संस्था के अध्यक्ष इंदर पोरवार व सचिव पंकज पोरवार को 10 लाख रुपये दिए और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया। रजिस्ट्रेशन की वैधता 19 अक्तूबर 2020 से 18 अक्तूबर 2023 तक अंकित थी।
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इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर में पैरामेडिकल कॉलेज के नाम से रामनगर में पैरामेडिकल कोर्स के लिए प्रवेश शुरू हो गए। छात्रों से 35000 रुपये वार्षिक की दर से शुल्क लिया गया। कुछ बच्चों को सर्टिफिकेट व मार्कशीट भी दी गई। तीन साल में 50 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले रखा था। 12 सितंबर 2022 को फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद मामले की शिकायतें हुईं। सुनवाई न होने पर अदालत का सहारा लिया। प्रमोद के अनुसार आरोपियों ने करीब 50 लाख रुपये डकारे हैं। रामनगर के एसएचओ रत्नेश पांडेय ने बताया कि अदालत के आदेश पर दो नामजद व दो अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।







अभिभावकों को जवाब देना मुश्किल
सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक प्रमोद ने एफआईआर में कहा है कि आरोपियों का कार्यालय आगरा में खुला था। इन लोगों से फोन पर बातचीत होती थी। जिन छात्रों ने प्रवेश ले रखा था, उनके अभिभावकों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। विद्यालय की छवि अलग से धूमिल हुई। मशीनरी पर प्रयोगशाला से संबंधित उपकरण भी नहीं दिए गए।
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