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प्रगतिशील किसान रामसरन को मिला पद्मश्री
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बाराबंकी। जिले के प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा को जब पद्मश्री पुरस्कार मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। अमर उजाला से बातचीत मेें उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ जिले का मान बढ़ा है बल्कि प्रदेश व जिले के किसानों का भी सम्मान हुआ है।
देश विदेश के आए वैज्ञानिकों ने इनकी फसल चक्र की खेती को देखा और उसकी सराहना भी कर चुके हैं।
रामसरन वर्मा ने खेती के बूते ही अपना नाम प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में दर्ज कराया। इनकी तकनीक के प्रदेश के ही नहीं बल्कि विदेशों के वैज्ञानिक भी कायल हुए।
अब तक कई बार विदेशी वैज्ञानिक इनकी खेती को देखने के लिए आ भी चुके हैं। रामसरन आज की समय में बड़े पैमाने पर केला, टमाटर और आलू की खेती कर रहे हैं। इनके पास स्वयं की 10 एकड़ भूमि है लेकिन सहकारिता पर 110 एकड़ भूमि पर वह खेती कर रहे हैं और 50 हजार किसानों को फसल चक्र का प्रशिक्षण दे चुके हैं।
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इनको अब तक जगजीवन राम पुरस्कार, उत्तर प्रदेश बागवानी पुरस्कार, केला, टमाटर, आलू में बेहतर उत्पादन के अलावा कई अन्य पुरस्कार भी मिल चुके हैं। रामसरन का कहना है कि देश विदेश तक के करीब दस लाख किसान यहां आ चुके हैं। पांच लाख किसान तो उनके विजिटर रजिस्टर पर दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जो पदमश्री मिला है इससे जिले के अलावा प्रदेश और देश के किसानों का भी मान बढ़ा है।
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देश विदेश के आए वैज्ञानिकों ने इनकी फसल चक्र की खेती को देखा और उसकी सराहना भी कर चुके हैं।
रामसरन वर्मा ने खेती के बूते ही अपना नाम प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में दर्ज कराया। इनकी तकनीक के प्रदेश के ही नहीं बल्कि विदेशों के वैज्ञानिक भी कायल हुए।
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अब तक कई बार विदेशी वैज्ञानिक इनकी खेती को देखने के लिए आ भी चुके हैं। रामसरन आज की समय में बड़े पैमाने पर केला, टमाटर और आलू की खेती कर रहे हैं। इनके पास स्वयं की 10 एकड़ भूमि है लेकिन सहकारिता पर 110 एकड़ भूमि पर वह खेती कर रहे हैं और 50 हजार किसानों को फसल चक्र का प्रशिक्षण दे चुके हैं।
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इनको अब तक जगजीवन राम पुरस्कार, उत्तर प्रदेश बागवानी पुरस्कार, केला, टमाटर, आलू में बेहतर उत्पादन के अलावा कई अन्य पुरस्कार भी मिल चुके हैं। रामसरन का कहना है कि देश विदेश तक के करीब दस लाख किसान यहां आ चुके हैं। पांच लाख किसान तो उनके विजिटर रजिस्टर पर दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जो पदमश्री मिला है इससे जिले के अलावा प्रदेश और देश के किसानों का भी मान बढ़ा है।