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एक वर्ष से नगरवासियों को नहीं मिला शौचालय का पैसा
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:33 AM IST
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एक वर्ष से नगरवासियों को
नहीं मिला शौचालय का पैसा
क्रासर
- आवेदन के बाद कई बार हुआ सर्वे, पर नतीजा शून्य
अमर उजाला ब्यूरो
जैदपुुर(बाराबंकी)। जिले को दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित किए जाने का करीब दो साल पहले घोषणा कर दी गई थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर पंचायतों को भी ओडीएफ घोषित करना शामिल था। किन्तु जैदपुर नगर पंचायत में पिछले एक साल से किसी भी लाभार्थी को इज्जत घर निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त तक नसीब नहीं हुई। ऐसे में दो अक्टूबर तक सरकार द्वारा जिले को ओडीएफ घोषित करने का सपना पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थी नगर पंचायत के चक्कर काट रहे हैं।
स्थानीय नगर पंचायत में शौचालय निर्माण में पिछले एक वर्ष से घोर लापरवाही बरती जा रही है। 17 वार्डो वाले इस नगर पंचायत में तीन सौ के करीब लाभर्थियों ने इज्जतघर का निर्माण कार्य के लिए आवेदन किया था। किन्तु पिछले एक वर्ष में किसी भी शौचालय निर्माण के आवेदक के बैंक खाते में पहली किस्त की धनराशि तक नही पहुंची है। आर्दश नगर पंचायत होने के बाद यहां कुछ ऐसे परिवार हैं जो खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं। इज्ज्त घर आवेदकों के घरों का कई बार सर्वे भी नगर पंचायत द्वारा कराया गया। उसके बाद भी नगर पंचायत से किसी भी पात्र लाभार्थी को धनराशि नहीं दी गई। ऐसे में यह साफ लगता है कि नगर पंचायत द्वारा सरकार के आदेशों को दरकिनार करके योजनाओं का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है।
बाक्स
कस्बे में शौचालय निर्माण के लिए पैसा नहीं मिला था। इसलिए थोड़ी दिक्कत बीच में हो गई थी किन्तु अब जिसका बैंक खाता सही फीड है। उसके खाते में पैसा भेजा जा रहा है। कुछ आवेदकों के बैंक खाते गलत नंबर के थे। इस कारण पैसा नही पहुंचा है।
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मनोज कुमार गोस्वामी, ईओ जैदपुर।
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नहीं मिला शौचालय का पैसा
क्रासर
- आवेदन के बाद कई बार हुआ सर्वे, पर नतीजा शून्य
अमर उजाला ब्यूरो
जैदपुुर(बाराबंकी)। जिले को दो अक्टूबर तक ओडीएफ घोषित किए जाने का करीब दो साल पहले घोषणा कर दी गई थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर पंचायतों को भी ओडीएफ घोषित करना शामिल था। किन्तु जैदपुर नगर पंचायत में पिछले एक साल से किसी भी लाभार्थी को इज्जत घर निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त तक नसीब नहीं हुई। ऐसे में दो अक्टूबर तक सरकार द्वारा जिले को ओडीएफ घोषित करने का सपना पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थी नगर पंचायत के चक्कर काट रहे हैं।
स्थानीय नगर पंचायत में शौचालय निर्माण में पिछले एक वर्ष से घोर लापरवाही बरती जा रही है। 17 वार्डो वाले इस नगर पंचायत में तीन सौ के करीब लाभर्थियों ने इज्जतघर का निर्माण कार्य के लिए आवेदन किया था। किन्तु पिछले एक वर्ष में किसी भी शौचालय निर्माण के आवेदक के बैंक खाते में पहली किस्त की धनराशि तक नही पहुंची है। आर्दश नगर पंचायत होने के बाद यहां कुछ ऐसे परिवार हैं जो खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं। इज्ज्त घर आवेदकों के घरों का कई बार सर्वे भी नगर पंचायत द्वारा कराया गया। उसके बाद भी नगर पंचायत से किसी भी पात्र लाभार्थी को धनराशि नहीं दी गई। ऐसे में यह साफ लगता है कि नगर पंचायत द्वारा सरकार के आदेशों को दरकिनार करके योजनाओं का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है।
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बाक्स
कस्बे में शौचालय निर्माण के लिए पैसा नहीं मिला था। इसलिए थोड़ी दिक्कत बीच में हो गई थी किन्तु अब जिसका बैंक खाता सही फीड है। उसके खाते में पैसा भेजा जा रहा है। कुछ आवेदकों के बैंक खाते गलत नंबर के थे। इस कारण पैसा नही पहुंचा है।
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मनोज कुमार गोस्वामी, ईओ जैदपुर।