फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   नागपंचमी आज, घर-घर पीटी जाएंगी गुडिय़ा

नागपंचमी आज, घर-घर पीटी जाएंगी गुडिय़ा

Thu, 27 Jul 2017 11:19 PM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
नागपंचमी आज, घर-घर पीटी जाएंगी गुडिय़ा
बाराबंकी। सावन माह की शुक्लपक्ष की पंचमी को मनाए जाने वाला पर्व नागपंचमी शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। परंपरा के रूप में घर-घर गुडिय़ा पीटी जाएगी। नागपंचमी पर सर्प को दूध पिलाने की पंरपरा है। नागपंचमी पर खागलदेव मंदिर व मजीठा में भव्य मेला लगेगा।
विज्ञापन

मंजीठा स्थित नागदेवता के मंदिर पर नागपंचमी को लगने वाला मेला आस्था रखने वाले भक्तों के लिए अलग ही महत्व रखता है। गुरुवार शाम से ही भक्तों भीड़ जुटना शुरू हो गई। शुक्रवार को नागपंचमी पर श्रद्धालु नागदेवता की बांबी पर दूध चावल चढ़ाकर पूजन अर्चन करेंगे। नाग पंचमी पर शहर ही नही ग्रामीण अंचलों में परंपरा के अनुसार घर-घर गुडिय़ा पीटी जाएंगी। देवा क्षेत्र के ग्राम कुसुंभा स्थित विषहरण खागलदेव मंदिर में नागपंचमी पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा। मंदिर के विषय में मान्यता है कि इस मंदिर में सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को लाकर यहां स्थित प्राचीन मंदिर के कुएं के पानी से नहलाया जाए व खागल बाबा की दुहाई बोलने मात्र से ही सर्प के विष का प्रभाव खत्म हो जाता है। नागपंचमी के मौके पर मेला लगेगा।
विज्ञापन


मजीठा मेले में आज होगा जवाबी कीर्तन
मजीठा मेले में शुक्रवार शाम जवाबी कीर्तन का आयोजन किया गया है। जिसमें शेखर कोमल लखीमपुर व रोशनी अनजान लखनऊ के बीच जवाबी कीर्तन होगा। यह जानकारी मेला कमेटी के सह-प्रबंधक लालता प्रसाद ने दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नागपंचमी को नाग जाति की हुई थी उत्पत्ति
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नाग जाति की उत्पत्ति हुई थी। महाभारत की कथा के अनुसार जब महाराजा परीक्षित को उनका पुत्र जनमेजय तक्षक नाग के काटने से नहीं बचा सका तो जनमेजय ने विशाल सर्प यज्ञ कर यज्ञाग्रि में भस्म होने के लिए तक्षक को आने पर विवश कर दिया। तब आस्तिक मुनि के आग्रह और तक्षक के क्षमा मांगने पर उसे क्षमा कर दिया। उन्होंने वचन दिया कि श्रावस मास की पंचमी को जो व्यक्ति सर्प व नाग की पूजा करेगा उसे सर्प व नाग दोष से मुक्ति मिलेगी। तभी से नाग पंचमी मनाए जाने की परंपरा चली आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed