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ग्राम प्रधान ने डीएम से की नहर पटरी पर अवैध खनन रोकने की मांग
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शारदा सहायक नहर के किनारे सक्रिय खनन कारोबारियों द्वारा नहर की पटरी की मिट्टी खोदे जाने को लेकर जिलाधिकारी की कड़ी फटकार का असर भी खनन कारोबारियों पर नहीं दिख रहा है। वह लोग सिंचाई विभाग से साठगांठ कर नहर पटरी की मिट्टी को खोदने में लगे हैं।
इसी को लेकर गुरुवार को ग्राम प्रधान कोना गांव ने जिलाधिकारी से मिलकर इस मामले की शिकायत करते हुए कहा है कि यदि नहर की पटरी पर अवैध मिट्टी खनन न रोका गया तो नहर कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो जाएगी। उन्होंने डीएम से खनन कारोबारियों पर लगाम लगाने की मांग की है।
गौरतलब है कि देवा क्षेत्र से होकर निकली शारदा सहायक नहर से निकली सिल्ट (मिट्टी) की ढुलाई के नाम पर कारोबारियों द्वारा खनन का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यही नहीं इन कारोबारियों ने सिल्ट उठाने के साथ-साथ नहर की पटरी की मिट्टी भी खोद डाली है।
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जिससे पानी आने पर नहर कटने का संकट मंडराने लगा है। क्षेत्र के किसानों में डर है कि अधिक दबाव के कारण यदि नहर कट गई तो वह बर्बाद हो जाएंगे। इसी को लेकर बुधवार को एक बैठक में जिलाधिकारी ने भी इसी मामले को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई थी लेकिन इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वर्तमान में कोना गांव के पास चल रहे खनन में कारोबारियों द्वारा पोकलैंड व जेसीबी लगाकर नहर की पटरी से मिट्टी की खोदाई की जा रही है जिससे किसान भयभीत हैं। इसी को लेकर गुरुवार को कोना गांव के प्रधान फहीम अहमद चंदा ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें इस आशय का शिकायती पत्र देने के साथ ही अवैध मिट्टी खनन कारोबारियों द्वारा की जा रही नहर पटरी की खोदाई को रुकवाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि मौके पर मौजूद खनन कारोबारी विभाग द्वारा खदान की अनुमति संबंधी कोई प्रपत्र भी नहीं दिखाते हैं और स्पष्ट धमकी देते हैं कि जो करना हो कर लो। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से नहर पटरी की मिट्टी खोदाई के मामले में हस्तक्षेप व कार्रवाई की मांग की है।
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इसी को लेकर गुरुवार को ग्राम प्रधान कोना गांव ने जिलाधिकारी से मिलकर इस मामले की शिकायत करते हुए कहा है कि यदि नहर की पटरी पर अवैध मिट्टी खनन न रोका गया तो नहर कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो जाएगी। उन्होंने डीएम से खनन कारोबारियों पर लगाम लगाने की मांग की है।
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गौरतलब है कि देवा क्षेत्र से होकर निकली शारदा सहायक नहर से निकली सिल्ट (मिट्टी) की ढुलाई के नाम पर कारोबारियों द्वारा खनन का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यही नहीं इन कारोबारियों ने सिल्ट उठाने के साथ-साथ नहर की पटरी की मिट्टी भी खोद डाली है।
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जिससे पानी आने पर नहर कटने का संकट मंडराने लगा है। क्षेत्र के किसानों में डर है कि अधिक दबाव के कारण यदि नहर कट गई तो वह बर्बाद हो जाएंगे। इसी को लेकर बुधवार को एक बैठक में जिलाधिकारी ने भी इसी मामले को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई थी लेकिन इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वर्तमान में कोना गांव के पास चल रहे खनन में कारोबारियों द्वारा पोकलैंड व जेसीबी लगाकर नहर की पटरी से मिट्टी की खोदाई की जा रही है जिससे किसान भयभीत हैं। इसी को लेकर गुरुवार को कोना गांव के प्रधान फहीम अहमद चंदा ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें इस आशय का शिकायती पत्र देने के साथ ही अवैध मिट्टी खनन कारोबारियों द्वारा की जा रही नहर पटरी की खोदाई को रुकवाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि मौके पर मौजूद खनन कारोबारी विभाग द्वारा खदान की अनुमति संबंधी कोई प्रपत्र भी नहीं दिखाते हैं और स्पष्ट धमकी देते हैं कि जो करना हो कर लो। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से नहर पटरी की मिट्टी खोदाई के मामले में हस्तक्षेप व कार्रवाई की मांग की है।