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दुष्कर्म पीड़िता से जनी बच्ची की इलाज के दौरान मौत
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:51 PM IST
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रेप पीड़िता से जनी बच्ची की इलाज के दौरान मौत
बाराबंकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार शाम एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की सात माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सतरिख थाना क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी के साथ 26 अगस्त 2016 को मोहल्ले के ही एक दरिंदे ने अपहरण कर अपने घर ले जाकर दुराचार किया था। इसके बाद गर्भवती हुई नाबालिग किशोरी ने एक जनवरी 2017 को एक बच्ची को जन्म दिया। पुलिस ने मामले में अदालत का फैसला आने तक बच्ची को अपने पास रखने की सलाह दी थी। जिस पर पीड़ित गरीब परिवार उसे अपने साथ रख रहा था। 10 दिन से बच्ची बीमार थी। चार दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार देर शाम बच्ची की मौत हो गई। डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बच्ची कुपोषण व संक्रमण का शिकार थी। इसी कारण उसकी मौत हुई है। मामला पुलिस का होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए कोतवाली में सूचना दी गई है।
कर्ज लेकर करा रहे थे इलाज
पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। ऐसे में बच्ची का इलाज कराने के लिए इस परिवार को 10 हजार रुपये कर्ज तक लेना पड़ा। हाल ये है कि शाम को बच्ची की मौत के बाद पीड़ित परिवार के पास घर जाने का किराया तक नहीं था। ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें कुछ रुपये दिए। पीड़ित परिवार ने बताया कि, घटना के बाद से आज तक कोई मुआवजा राशि पीड़िता को नहीं मिली है।
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बाराबंकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार शाम एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की सात माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सतरिख थाना क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी के साथ 26 अगस्त 2016 को मोहल्ले के ही एक दरिंदे ने अपहरण कर अपने घर ले जाकर दुराचार किया था। इसके बाद गर्भवती हुई नाबालिग किशोरी ने एक जनवरी 2017 को एक बच्ची को जन्म दिया। पुलिस ने मामले में अदालत का फैसला आने तक बच्ची को अपने पास रखने की सलाह दी थी। जिस पर पीड़ित गरीब परिवार उसे अपने साथ रख रहा था। 10 दिन से बच्ची बीमार थी। चार दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार देर शाम बच्ची की मौत हो गई। डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बच्ची कुपोषण व संक्रमण का शिकार थी। इसी कारण उसकी मौत हुई है। मामला पुलिस का होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए कोतवाली में सूचना दी गई है।
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कर्ज लेकर करा रहे थे इलाज
पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। ऐसे में बच्ची का इलाज कराने के लिए इस परिवार को 10 हजार रुपये कर्ज तक लेना पड़ा। हाल ये है कि शाम को बच्ची की मौत के बाद पीड़ित परिवार के पास घर जाने का किराया तक नहीं था। ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें कुछ रुपये दिए। पीड़ित परिवार ने बताया कि, घटना के बाद से आज तक कोई मुआवजा राशि पीड़िता को नहीं मिली है।
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