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Barabanki News: 20 हजार छात्रों को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण
Tue, 07 Apr 2026 02:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:05 AM IST
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बाराबंकी। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक विद्यालयों के छात्र भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। इस पहल के तहत 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक विशेष मुफ्त ऑनलाइन एआई कोर्स शुरू किया जा रहा है। यह कोर्स 15 अप्रैल से प्रारंभ होगा और छात्रों को एआई की दुनिया से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
कोर्स की संरचना और उद्देश्य
यह 20 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को एआई की मूल अवधारणाओं, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिसिस, एल्गोरिदम की समझ, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, इमेज रिकग्निशन और ऑटोमेशन टूल्स के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराएगा। कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य के शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों के लिए सहायक सिद्ध होगा।
इस निशुल्क ऑनलाइन एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए नौ अप्रैल तक पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। जिले में 327 इंटरमीडिएट विद्यालय हैं और लगभग 70 हजार छात्र नामांकित हैं। जिले के 20 हजार छात्रों को इस कोर्स में नामांकित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में पंजीकरण कराने वाले जिलों में गोरखपुर पहले और बाराबंकी दूसरे स्थान पर है। अब तक चार हजार से अधिक छात्रों ने पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है।
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इस शैक्षिक पहल का संचालन महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर द्वारा टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज के सहयोग से किया जा रहा है। यह सहभागिता सुनिश्चित करती है कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण मिले और वे एआई के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान प्राप्त कर सकें।
डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि यह न केवल छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि आईटी, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उनके कॅरिअर के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करेगा। इस कोर्स के माध्यम से छात्र भविष्य की उन तकनीकों के लिए तैयार होंगे जो तेजी से दुनिया को बदल रही हैं।
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कोर्स की संरचना और उद्देश्य
यह 20 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को एआई की मूल अवधारणाओं, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिसिस, एल्गोरिदम की समझ, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, इमेज रिकग्निशन और ऑटोमेशन टूल्स के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराएगा। कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य के शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों के लिए सहायक सिद्ध होगा।
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इस निशुल्क ऑनलाइन एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए नौ अप्रैल तक पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। जिले में 327 इंटरमीडिएट विद्यालय हैं और लगभग 70 हजार छात्र नामांकित हैं। जिले के 20 हजार छात्रों को इस कोर्स में नामांकित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में पंजीकरण कराने वाले जिलों में गोरखपुर पहले और बाराबंकी दूसरे स्थान पर है। अब तक चार हजार से अधिक छात्रों ने पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है।
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इस शैक्षिक पहल का संचालन महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर द्वारा टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज के सहयोग से किया जा रहा है। यह सहभागिता सुनिश्चित करती है कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण मिले और वे एआई के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान प्राप्त कर सकें।
डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि यह न केवल छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि आईटी, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उनके कॅरिअर के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करेगा। इस कोर्स के माध्यम से छात्र भविष्य की उन तकनीकों के लिए तैयार होंगे जो तेजी से दुनिया को बदल रही हैं।