{"_id":"5948195c4f1c1bda338b45ff","slug":"191497897308-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण में गड़बडी, जांच के आदेश से खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण में गड़बडी, जांच के आदेश से खलबली
Updated Tue, 20 Jun 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण में जमकर हुई लूटखसोट
- चहारदीवारी निर्माण की जांच के प्रदेश सरकार के आदेश से मची खलबली
- जिले में सवा 15 करोड़ से 123 कब्रिस्तानों की बनाई गई थी बाउंड्रीवाल
अमर उजाला ब्यूरो ं
बाराबंकी। सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश भर में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण में की गई लूटखसोट की जांच के निर्देश से जिले में भी संबंधित विभाग के साथ ही कार्यदायी संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। सूत्रों का मानना है कि, यदि जांच हुई तो यहां भी कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा होगा।
सपा सरकार के कार्यकाल में जिले में चिह्नित कुल 123 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी का निर्माण कराया गया था। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को निर्माण कार्य के लिए चुना था। शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्माण के लिए अलग-अलग वित्तीय वर्ष में कुल 1533.25 लाख रुपये बजट आवंटित किया था। शासन ने 14 अक्टूबर 2013 को शासनादेश जारी कर चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रति रनिंग मीटर 4421.65 रुपये व गेट का मूल्य 8558 रुपये निर्धारित किया था। निर्माण कार्य में नामित कार्यदायी संस्था द्वारा जमकर लूटखसोट की गई और घटिया सामग्री से इन 123 कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था। वैसे तो जिले में कुल 2952 कब्रिस्तान हैं। जिनमें से अविवादित व अवैध कब्जा रहित 123 कब्रिस्तानों को चिह्नित कर ये निर्माण कार्य कराया गया था।
पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 45 और कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए शासन से भेजे गए छह करोड़ 33 लाख 86 हजार रुपये का उपभोग नहीं होने से पूरे बजट को विभाग ने वापस कर दिया था। वित्तीय वर्ष 2014-15 व 15-16 में लक्ष्य के सापेक्ष शेष निर्माण कार्य पूरा नहीं होने को लेकर बचा बजट पीएलए खाते जमा करा दिया गया है। विभाग शासन से अनुमति मिलने के बाद ही अब निर्माण कार्य कराने की बात कह रहा है। अब योगी सरकार द्वारा इस निर्माण कार्य की जांच कराने के निर्देश से विभाग व कार्यदाई संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
बाक्स
वित्तीय वर्ष लक्ष्य प्राप्त बजट कार्य की स्थिति
2012-13 45 373.19 लक्ष्य पूर्ण
2013-14 53 560.94 लक्ष्य पूर्ण
2014-15 40 373.19 21 शेेष
2015-16 20 225.93 14 शेष
बाक्स
शासन से जो बजट व दिशा-निर्देश मिलते रहे उसके आधार पर नामित कार्यदाई संस्था से कब्रिस्तानों की चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराया होगा। चूंकि मेरे पास इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार है। इसलिए मुझे इस संबंध मेें कोई खास जानकारी नहीं है। अब जो दिशा-निर्देश शासन से मिलेगा उस पर अमल किया जाएगा।
शिखी यादव, प्रभारी अधिकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
विज्ञापन
- चहारदीवारी निर्माण की जांच के प्रदेश सरकार के आदेश से मची खलबली
- जिले में सवा 15 करोड़ से 123 कब्रिस्तानों की बनाई गई थी बाउंड्रीवाल
अमर उजाला ब्यूरो ं
बाराबंकी। सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश भर में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण में की गई लूटखसोट की जांच के निर्देश से जिले में भी संबंधित विभाग के साथ ही कार्यदायी संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। सूत्रों का मानना है कि, यदि जांच हुई तो यहां भी कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा होगा।
सपा सरकार के कार्यकाल में जिले में चिह्नित कुल 123 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी का निर्माण कराया गया था। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को निर्माण कार्य के लिए चुना था। शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्माण के लिए अलग-अलग वित्तीय वर्ष में कुल 1533.25 लाख रुपये बजट आवंटित किया था। शासन ने 14 अक्टूबर 2013 को शासनादेश जारी कर चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रति रनिंग मीटर 4421.65 रुपये व गेट का मूल्य 8558 रुपये निर्धारित किया था। निर्माण कार्य में नामित कार्यदायी संस्था द्वारा जमकर लूटखसोट की गई और घटिया सामग्री से इन 123 कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था। वैसे तो जिले में कुल 2952 कब्रिस्तान हैं। जिनमें से अविवादित व अवैध कब्जा रहित 123 कब्रिस्तानों को चिह्नित कर ये निर्माण कार्य कराया गया था।
विज्ञापन
पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 45 और कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए शासन से भेजे गए छह करोड़ 33 लाख 86 हजार रुपये का उपभोग नहीं होने से पूरे बजट को विभाग ने वापस कर दिया था। वित्तीय वर्ष 2014-15 व 15-16 में लक्ष्य के सापेक्ष शेष निर्माण कार्य पूरा नहीं होने को लेकर बचा बजट पीएलए खाते जमा करा दिया गया है। विभाग शासन से अनुमति मिलने के बाद ही अब निर्माण कार्य कराने की बात कह रहा है। अब योगी सरकार द्वारा इस निर्माण कार्य की जांच कराने के निर्देश से विभाग व कार्यदाई संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
बाक्स
वित्तीय वर्ष लक्ष्य प्राप्त बजट कार्य की स्थिति
2012-13 45 373.19 लक्ष्य पूर्ण
2013-14 53 560.94 लक्ष्य पूर्ण
2014-15 40 373.19 21 शेेष
2015-16 20 225.93 14 शेष
बाक्स
शासन से जो बजट व दिशा-निर्देश मिलते रहे उसके आधार पर नामित कार्यदाई संस्था से कब्रिस्तानों की चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराया होगा। चूंकि मेरे पास इस विभाग का अतिरिक्त प्रभार है। इसलिए मुझे इस संबंध मेें कोई खास जानकारी नहीं है। अब जो दिशा-निर्देश शासन से मिलेगा उस पर अमल किया जाएगा।
शिखी यादव, प्रभारी अधिकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।