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जनआरोग्य मेले में आए 1753 मरीज
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बाराबंकी। मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में रविवार को करीब 1753 मरीज आए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के रहे। सभी की जांच कराकर दवाइयां दी गईं। इसके साथ ही बदले मौसम में सेहत का ख्याल कैसे रखना है, इसके उपाय भी बताए गए।
जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 1753 मरीज आए। इनमें पुरुष मरीजों की संख्या 724 और महिला मरीजों की संख्या 729 रही। वहीं बच्चों की संख्या 300 के आसपास रही। इस दौरान गंभीर पाए गए 17 मरीजों को रेफर किया गया जबकि पात्र पाए गए 57 लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए 146 चिकित्सक और 364 कर्मचारियों को लगाया गया। वहीं संदिग्ध पाए जाने पर 259 लोगों की कोरोना की जांच भी कराई गई। इस दौरान सबसे ज्यादा वायरल बुखार के मरीज आए जिनकी जांच कराने के बाद दवाइयां दी गईं।
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इस दौरान कोटवाधाम पीएचसी पर एक बार फिर चिकित्सकों के न मिलने के कारण वहां जाने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि चिकित्सक के न आने के कारण फार्मासिस्ट ने दवाइयां दीं।
जनआरोग्य मेले में लीवर रोग से संबंधित 48, गैस्ट्रो के 172, डायबिटीज के 58, टीबी के सस्पेक्टेड तीन व त्वचा रोग के 236 मरीज आए जिनकी जांच कराकर दवाएं दी गईं। इस बाबत सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि जिले की 57 पीएचसी पर करीब 1753 मरीज आए जिन्हें चिकित्सकों द्वारा देखने के बाद दवाएं दी गईं। इस दौरान एक-दो स्थानों पर चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की सूचना मिली है जिसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
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जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 1753 मरीज आए। इनमें पुरुष मरीजों की संख्या 724 और महिला मरीजों की संख्या 729 रही। वहीं बच्चों की संख्या 300 के आसपास रही। इस दौरान गंभीर पाए गए 17 मरीजों को रेफर किया गया जबकि पात्र पाए गए 57 लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
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मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए 146 चिकित्सक और 364 कर्मचारियों को लगाया गया। वहीं संदिग्ध पाए जाने पर 259 लोगों की कोरोना की जांच भी कराई गई। इस दौरान सबसे ज्यादा वायरल बुखार के मरीज आए जिनकी जांच कराने के बाद दवाइयां दी गईं।
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इस दौरान कोटवाधाम पीएचसी पर एक बार फिर चिकित्सकों के न मिलने के कारण वहां जाने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि चिकित्सक के न आने के कारण फार्मासिस्ट ने दवाइयां दीं।
जनआरोग्य मेले में लीवर रोग से संबंधित 48, गैस्ट्रो के 172, डायबिटीज के 58, टीबी के सस्पेक्टेड तीन व त्वचा रोग के 236 मरीज आए जिनकी जांच कराकर दवाएं दी गईं। इस बाबत सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि जिले की 57 पीएचसी पर करीब 1753 मरीज आए जिन्हें चिकित्सकों द्वारा देखने के बाद दवाएं दी गईं। इस दौरान एक-दो स्थानों पर चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की सूचना मिली है जिसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।