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टूटे स्लीपरों पर दौड़ रही एक्सप्रेस ट्रेनें
Updated Thu, 21 Sep 2017 11:31 PM IST
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टूटे स्लीपरों पर दौड़ रही एक्सप्रेस ट्रेनें
बाराबंकी। देश व प्रदेश में आए दिन होने वाले रेल हादसों से भी विभाग सबक नहीं ले रहा है। रेलवे अधिकारी भले ही सभी इंतजाम दुरुस्त होने का दावा करते हो लेकिन कमियों की भरमार है। शहर क्षेत्र में सफेदाबाद के पास रेलमार्ग पर लगे स्लीपर कई जगह टूटे है जिससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जबकि इन्हीं पटरियों से प्रतिदिन करीब सवा सौ एक्सप्रेस व माल रेल गाड़ियों का आवागमन होता है। हालांकि स्लीपर व रेल पटरिया सही करने का काम भी कई जगह पर किया जा रहा है।
लखनऊ से गोरखपुर, फैजाबाद समेत पूर्वांचल की ओर जाने के लिए बाराबंकी होते हुए ही रेलवे का मुख्य मार्ग है। यह मार्ग गोरखपुर तक तो डबल लेन का है जबकि फैजाबाद तक सिंगल लेन है जिसे डबल लेन बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। लखनऊ से बाराबंकी के बीच में रेल पटरिया पुरानी होने के चलते आए दिन चिटकती रहती है। सफेदाबाद के पास ही रेल लाइन पर पटरियों के नीचे लगने वाले स्लीपर कई जगह पर टूटे है। ऐसे में यदि ट्रेन निकलने के दौरान स्लीपर निकल जाए तो पटरी टूटने से बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक दिन पटरियों को चेक किया जाता है लेकिन उसके बाद भी तमाम कमियां रहती है। स्टेशन अधीक्षक वीके शुक्ला का कहना है कि इंजीनियर विभाग की टीम द्वारा पटरी व स्लीपर सही कराने का काम निरंतर किया जाता है। कहा इस बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
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बाराबंकी। देश व प्रदेश में आए दिन होने वाले रेल हादसों से भी विभाग सबक नहीं ले रहा है। रेलवे अधिकारी भले ही सभी इंतजाम दुरुस्त होने का दावा करते हो लेकिन कमियों की भरमार है। शहर क्षेत्र में सफेदाबाद के पास रेलमार्ग पर लगे स्लीपर कई जगह टूटे है जिससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जबकि इन्हीं पटरियों से प्रतिदिन करीब सवा सौ एक्सप्रेस व माल रेल गाड़ियों का आवागमन होता है। हालांकि स्लीपर व रेल पटरिया सही करने का काम भी कई जगह पर किया जा रहा है।
लखनऊ से गोरखपुर, फैजाबाद समेत पूर्वांचल की ओर जाने के लिए बाराबंकी होते हुए ही रेलवे का मुख्य मार्ग है। यह मार्ग गोरखपुर तक तो डबल लेन का है जबकि फैजाबाद तक सिंगल लेन है जिसे डबल लेन बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। लखनऊ से बाराबंकी के बीच में रेल पटरिया पुरानी होने के चलते आए दिन चिटकती रहती है। सफेदाबाद के पास ही रेल लाइन पर पटरियों के नीचे लगने वाले स्लीपर कई जगह पर टूटे है। ऐसे में यदि ट्रेन निकलने के दौरान स्लीपर निकल जाए तो पटरी टूटने से बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक दिन पटरियों को चेक किया जाता है लेकिन उसके बाद भी तमाम कमियां रहती है। स्टेशन अधीक्षक वीके शुक्ला का कहना है कि इंजीनियर विभाग की टीम द्वारा पटरी व स्लीपर सही कराने का काम निरंतर किया जाता है। कहा इस बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
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