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Barabanki News: तीन माह में 1559 वादों का निस्तारण, न्याय की जगी आस
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बाराबंकी। दो दशक से अधिक समय से अदालतों के चक्कर काट रहे पीड़ितों को अब समय पर न्याय की आस जगी है। पिछले तीन माह के अंदर करीब 1559 वादों का निस्तारण अब तक कराया गया है। ये मुकदमे तीन व पांच साल से ऊपर के वाद शामिल हैं। इनमें 20 साल तो किसी को 25 साल बाद मिला न्याय मिला है। जिलाधिकारी की प्राथमिकता में शामिल मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया को और गति मिलने से वादकारियों में अब न्याय मिलने की आस जग गई है।
देवा के मीरपुर के रहने वाले नूर मोहम्मद ने जुलाई 99 में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में स्वामित्व विवाद का वाद दायर किया था, इसी प्रकार मवैया सतरिख की बिटाना बनाम पार्वती के बीच भी स्वामित्व का विवाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में वर्ष 2000 से चला आ रहा था। यही नहीं सिद्धौर के देवता बनाम रामेश्वर में भी 2001 में स्वामित्व को लेकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में वाद दायर हुआ था। डीएम के निर्देशों के बाद इन वादों का निस्तारण अप्रैल और मई में कराया गया।
इसी प्रकार रामसनेहीघाट के छत्रपाल बनाम मैका देवी का वर्ष 2012 में नक्शा संशोधन के लिए वाद दायर हुआ था। इनका मुकदमा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की कोर्ट पर चल रहा था, लेकिन इसका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार देवा के कमलेश बनाम देशराम के बीच पुराने पट्टों को लेकर वर्ष 2012 में वाद दायर किया गया था। इसका मुकदमा अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट पर चल रहा था। इस मामले का निस्तारण मई में किया गया। इस प्रकार से पांच और तीन साल से ज्यादा समय से लंबित चले आ रहे मुकदमों का निस्तारण तेजी से कराया जा रहा है। (संवाद)
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बाक्स
तीन माह में निस्तारित वाद
माह का नाम निस्तारित वाद
अप्रैल 723
मई 500
जून 336
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वर्जन
पांच और तीन साल से ऊपर के जितने भी लंबित वाद थे, उनका तेजी से निस्तारण कराया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द से जल्द इन वादाें का निस्तारण करा दिया जाए। वहीं कुछ वाद और पुराने हैं उनका भी निस्तारण कराया जा रहा है।
शशांक त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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देवा के मीरपुर के रहने वाले नूर मोहम्मद ने जुलाई 99 में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में स्वामित्व विवाद का वाद दायर किया था, इसी प्रकार मवैया सतरिख की बिटाना बनाम पार्वती के बीच भी स्वामित्व का विवाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में वर्ष 2000 से चला आ रहा था। यही नहीं सिद्धौर के देवता बनाम रामेश्वर में भी 2001 में स्वामित्व को लेकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में वाद दायर हुआ था। डीएम के निर्देशों के बाद इन वादों का निस्तारण अप्रैल और मई में कराया गया।
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इसी प्रकार रामसनेहीघाट के छत्रपाल बनाम मैका देवी का वर्ष 2012 में नक्शा संशोधन के लिए वाद दायर हुआ था। इनका मुकदमा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की कोर्ट पर चल रहा था, लेकिन इसका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार देवा के कमलेश बनाम देशराम के बीच पुराने पट्टों को लेकर वर्ष 2012 में वाद दायर किया गया था। इसका मुकदमा अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट पर चल रहा था। इस मामले का निस्तारण मई में किया गया। इस प्रकार से पांच और तीन साल से ज्यादा समय से लंबित चले आ रहे मुकदमों का निस्तारण तेजी से कराया जा रहा है। (संवाद)
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तीन माह में निस्तारित वाद
माह का नाम निस्तारित वाद
अप्रैल 723
मई 500
जून 336
वर्जन
पांच और तीन साल से ऊपर के जितने भी लंबित वाद थे, उनका तेजी से निस्तारण कराया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द से जल्द इन वादाें का निस्तारण करा दिया जाए। वहीं कुछ वाद और पुराने हैं उनका भी निस्तारण कराया जा रहा है।
शशांक त्रिपाठी, जिलाधिकारी