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शीशम समेत कई प्रजातियों के पेड़ों से हटा प्रतिबंध
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:03 AM IST
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शीशम समेत कई प्रजातियों के पेड़ों से हटा प्रतिबंध
- आम, नीम, महुआ, साल, खैर के पेड़ हैं प्रतिबंधित
- किसानों की आय दो गुनी करने के उद्देश्य से लिया गया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। किसानों की आय दो गुनी करने में वन भी सहायक बनेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने वन क्षेत्र के पांच प्रजातियों के पेड़ों को छोड़ अन्य के कटान पर लगी रोक को हटा दिया है। अब किसान ऐसे पेड़ों को आसानी से बेच व प्रयोग में लाने के लिए कटवा सकते हैं। किसानों को अब ऐसे पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग व पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वन अधिनियम के तहत आम, नीम, महुआ, सॉल (सांखू) व खैर आदि प्रजातियों के पेड़ों को छोड़ अन्य पेड़ों के कटान पर लगी रोक को प्रदेश सरकार के आदेश के बाद हटा दिया गया है। यह आदेश फिर हाल अभी प्रदेश के 62 जिलों में लागू हुआ है जिसमें बाराबंकी भी शामिल है। अब किसानों को पांच प्रकार के प्रतिबंधित पेड़ों को छोड़ खेत में लगे शीशम, पीपल, बबूल, पाकड़ समेत अन्य वह पेड़ों के कटान की अनुुमति वन विभाग से लेने की जरूरत नहीं है। वहीं जो प्रतिबंधित पेड़ हैं उन्हें सूखने, व्यक्ति या संपत्ति के लिए खतरा बनने या सरकार द्वारा अनुमोदित किसी कार्य के निष्पादन के लिए काटा जा सकता है। इसकी जागरुकता के लिए वन विभाग द्वारा सूचनाएं छपवाकर किसानों को वितरण कर जागरुक किया जा रहा है।
वर्जन-
शासन से आदेश मिलने के बाद आम, नीम,महुआ, सॉल व खैर के पेड़ों को छोड़ सभी पेड़ों से प्रतिबंध हटा दिया गया है। पर किसानों से अपील की जाती है कि जितने पेड़ काटते हैं उसके दो गुना पौध रोपण कर पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करें।
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- जावेद अख्तर, डीएफओ
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- आम, नीम, महुआ, साल, खैर के पेड़ हैं प्रतिबंधित
- किसानों की आय दो गुनी करने के उद्देश्य से लिया गया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। किसानों की आय दो गुनी करने में वन भी सहायक बनेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने वन क्षेत्र के पांच प्रजातियों के पेड़ों को छोड़ अन्य के कटान पर लगी रोक को हटा दिया है। अब किसान ऐसे पेड़ों को आसानी से बेच व प्रयोग में लाने के लिए कटवा सकते हैं। किसानों को अब ऐसे पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग व पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वन अधिनियम के तहत आम, नीम, महुआ, सॉल (सांखू) व खैर आदि प्रजातियों के पेड़ों को छोड़ अन्य पेड़ों के कटान पर लगी रोक को प्रदेश सरकार के आदेश के बाद हटा दिया गया है। यह आदेश फिर हाल अभी प्रदेश के 62 जिलों में लागू हुआ है जिसमें बाराबंकी भी शामिल है। अब किसानों को पांच प्रकार के प्रतिबंधित पेड़ों को छोड़ खेत में लगे शीशम, पीपल, बबूल, पाकड़ समेत अन्य वह पेड़ों के कटान की अनुुमति वन विभाग से लेने की जरूरत नहीं है। वहीं जो प्रतिबंधित पेड़ हैं उन्हें सूखने, व्यक्ति या संपत्ति के लिए खतरा बनने या सरकार द्वारा अनुमोदित किसी कार्य के निष्पादन के लिए काटा जा सकता है। इसकी जागरुकता के लिए वन विभाग द्वारा सूचनाएं छपवाकर किसानों को वितरण कर जागरुक किया जा रहा है।
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वर्जन-
शासन से आदेश मिलने के बाद आम, नीम,महुआ, सॉल व खैर के पेड़ों को छोड़ सभी पेड़ों से प्रतिबंध हटा दिया गया है। पर किसानों से अपील की जाती है कि जितने पेड़ काटते हैं उसके दो गुना पौध रोपण कर पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करें।
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- जावेद अख्तर, डीएफओ