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सैदनपुर रजबहा कटी, 150 बीघा फसल डूबी
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:48 AM IST
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सैदनपुर रजबहा कटी, 150 बीघा फसल डूबी
सैदनपुर (बाराबंकी)। विभागीय देखरेख के अभाव में गुरुवार भोर ग्राम अनूपगंज के पास सैदनपुर रजबहा करीब चार मीटर कट गई जिससे आसपास की करीब डेढ़ सौ बीघा धान की फसल डूब गई। सुबह ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग को दी लेकिन दोपहर तक विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। सूूचना के करीब दस घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने रजबहा की कटान की पटाई की।
विकास खंड रामनगर के ग्राम अनूपगंज के पास गुरुवार भोर करीब चार बजे सैदनपुर रजबहा करीब चार मीटर कट गई। जिससे रजबहा का पानी आस पास के खेतों में भर गया। गुरुवार की भोर खेत गए एक किसान नेे खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को रजबहा कटने की जानकारी दी। ग्रामीणों ने रजबहा कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर दोपहर तक कोई नहीं पहुंचा। रजबहा कटने से किसानों की करीब करीब 150 बीघा धान की फसल डूब गई। जिसमें ग्राम अनूपगंज निवासी पवन वर्मा की 8 बीघा, गोकरन की 5 बीघा, जगदंबा प्रसाद की 3 बीघा, समसुदुहा की 8 बीघा, गजोधर की 3 बीघा, भारत यादव की 6 बीघा, रामसिंह व पप्पू की साढ़े 4 बीघा, नौमीलाल की 2 बीघा, मुन्ना व विजय बहादुर की 4 बीघा, राजेश की 5 बीघा, रामदास की दो बीघा, बालक राम की 6 बीघा समेत कई किसानों की कई बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। शिकायत के बाद नहर का पानी बंद कर दिया गया। शिकायत के करीब दस घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान की पटाई की।
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जून में माइनर कटने से दो सौ बीघा फसल थी डूबी
फतेहपुर क्षेत्र में बीते एक जून को ईशेपुर माइनर कट गई थी जिससे करीब दो सौ बीघा फसल डूब गई थी। बीते 13 जून को मसौली में बांसभारी गांव के पास मसौली नहर कट गई थी, जिसमें किसानों की तीन सौ बीघा फसल डूब गई थी। बीते 31 जुलाई को सुढ़ियामऊ क्षेत्र में प्यारेपुर गांव के पास प्यारेपुर रजबहा कट गई थी जिसमें किसानों की सात सौ बीघा फसल डूब गई थी।
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किसानों की फसल को क्षति पहुंचने पर मुआवजा मिलना चाहिए। जब किसान नहर काटता है, उसके ऊपर जुर्माने का प्राविधान है तो अगर सिंचाई विभाग की गलती से किसान की फसल को नुकसान होता है तो किसानों को मुआवजा भी मिलना चाहिए। जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है उसके लिए उच्चाधिकारियों से मुआवजा के लिए मांग की जाएगी।
- मुकेश सिंह, किसान नेता, भाकियू प्रांतीय महासचिव
सैदनपुर रजबहा कटने की जानकारी मिली है। कर्मचारियों को भेजकर कटान की पटाई कराई जा रही है। जहां पर रजबहा की पटरी कमजोर है उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा। रजबहा को किसान सिंचाई के लिए काटते हैं लेकिन उसकी पटाई ठीक से नहीं करते। पानी छोड़े जाने पर दबाव बढने पर ऐसी जगहों पर कटान हो जाती है।
- सुप्रभात सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई
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सैदनपुर (बाराबंकी)। विभागीय देखरेख के अभाव में गुरुवार भोर ग्राम अनूपगंज के पास सैदनपुर रजबहा करीब चार मीटर कट गई जिससे आसपास की करीब डेढ़ सौ बीघा धान की फसल डूब गई। सुबह ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग को दी लेकिन दोपहर तक विभागीयकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। सूूचना के करीब दस घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने रजबहा की कटान की पटाई की।
विकास खंड रामनगर के ग्राम अनूपगंज के पास गुरुवार भोर करीब चार बजे सैदनपुर रजबहा करीब चार मीटर कट गई। जिससे रजबहा का पानी आस पास के खेतों में भर गया। गुरुवार की भोर खेत गए एक किसान नेे खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को रजबहा कटने की जानकारी दी। ग्रामीणों ने रजबहा कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर दोपहर तक कोई नहीं पहुंचा। रजबहा कटने से किसानों की करीब करीब 150 बीघा धान की फसल डूब गई। जिसमें ग्राम अनूपगंज निवासी पवन वर्मा की 8 बीघा, गोकरन की 5 बीघा, जगदंबा प्रसाद की 3 बीघा, समसुदुहा की 8 बीघा, गजोधर की 3 बीघा, भारत यादव की 6 बीघा, रामसिंह व पप्पू की साढ़े 4 बीघा, नौमीलाल की 2 बीघा, मुन्ना व विजय बहादुर की 4 बीघा, राजेश की 5 बीघा, रामदास की दो बीघा, बालक राम की 6 बीघा समेत कई किसानों की कई बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। शिकायत के बाद नहर का पानी बंद कर दिया गया। शिकायत के करीब दस घंटे बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कटान की पटाई की।
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जून में माइनर कटने से दो सौ बीघा फसल थी डूबी
फतेहपुर क्षेत्र में बीते एक जून को ईशेपुर माइनर कट गई थी जिससे करीब दो सौ बीघा फसल डूब गई थी। बीते 13 जून को मसौली में बांसभारी गांव के पास मसौली नहर कट गई थी, जिसमें किसानों की तीन सौ बीघा फसल डूब गई थी। बीते 31 जुलाई को सुढ़ियामऊ क्षेत्र में प्यारेपुर गांव के पास प्यारेपुर रजबहा कट गई थी जिसमें किसानों की सात सौ बीघा फसल डूब गई थी।
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किसानों की फसल को क्षति पहुंचने पर मुआवजा मिलना चाहिए। जब किसान नहर काटता है, उसके ऊपर जुर्माने का प्राविधान है तो अगर सिंचाई विभाग की गलती से किसान की फसल को नुकसान होता है तो किसानों को मुआवजा भी मिलना चाहिए। जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है उसके लिए उच्चाधिकारियों से मुआवजा के लिए मांग की जाएगी।
- मुकेश सिंह, किसान नेता, भाकियू प्रांतीय महासचिव
सैदनपुर रजबहा कटने की जानकारी मिली है। कर्मचारियों को भेजकर कटान की पटाई कराई जा रही है। जहां पर रजबहा की पटरी कमजोर है उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा। रजबहा को किसान सिंचाई के लिए काटते हैं लेकिन उसकी पटाई ठीक से नहीं करते। पानी छोड़े जाने पर दबाव बढने पर ऐसी जगहों पर कटान हो जाती है।
- सुप्रभात सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई