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10 विभाग नही खर्च कर पाए आवंटित धनराशि 66 करोड़ से अधिक वापस

Sat, 03 Apr 2021 12:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 12:49 AM IST
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10 departments could not spend the entire budget, the amount of more than 66 crores was returned
बाराबंकी। आम जनता की सुविधाओं को लेकर सरकार ने भले ही करोड़ों का बजट मुहैय्या कराया मगर, विभागीय लापरवाही कहें या फिर वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में बजट मिलना, सरकार की प्राथमिकता वाले शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, सिंचाई व लोक निर्माण विभाग 66 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च नहीं कर पाए। यह हाल तब है जब वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन एक अरब 88 करोड़ रुपये के बिल पास हुए। ऐसे में बची हुई 66 करोड़ से अधिक की रकम लैप्स हो गई।
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जिले में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को शिक्षा विभाग का 13 करोड़ 59 लाख 43 हजार, चिकित्सा विभाग का 36 करोड़, 92 लाख 36 हजार, कृषि विभाग का एक करोड़ 25 लाख 41 हजार, सिंचाई विभाग का नौ करोड़ 86 लाख 55 हजार, पुलिस विभाग का 38 लाख 67 हजार समेत अन्य विभागों के कई-कई बिल पास हुए।
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उसके बाद कृषि विभाग का 77 लाख 19 हजार रुपये, बेसिक शिक्षा विभाग का तीन करोड़ 55 लाख 83 हजार रुपये, माध्यमिक शिक्षा विभाग का 19 करोड़ रुपये, बिजली विभाग का 15 करोड़, कलेक्ट्रेट का 11 करोड़ 66 लाख, स्वास्थ्य विभाग का 15 करोड़ 61 लाख, विकास विभाग का दो करोड़, पीडब्लूडी का 60 लाख, उद्योग का चार लाख व आबकारी का सात लाख समेत कई अन्य विभागों की 66 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च न होने से वापस लौट गई।
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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन देर रात नगर पंचायत दरियाबाद का 25 लाख का बिल कर्मचारी लेकर कोषागार पहुंचे। मगर, तब तक साइट बंद हो चुकी थी। ऐसे में बिल पास न होने से 25 लाख रुपये का बजट वापस लौट गया। यह तो महज बानगी है। ऐसे ही अन्य कई विभागों के साथ हुआ।

ट्रेजरी अफसर मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि कोषागार में प्रत्येक हेड में मिलने व खर्च होने वाले बजट का ब्योरा होता है। किसी विभाग की कितनी रकम वापस लौट गई, इसका आकलन मिले बजट व खर्च हुए बजट से किया जा सकता है। इस संबंध में सभी विभाग अपनी रिपोर्ट अलग से तैयार करते हैं।
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