{"_id":"6ab2d62fabb6446fd70dd9cc","slug":"nilgai-carcass-found-leopard-terror-follows-barabanki-news-c-315-1-brp1006-180045-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: वनरोज का शव मिला, फिर तेंदुए की दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: वनरोज का शव मिला, फिर तेंदुए की दहशत
Wed, 23 Sep 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। शरीफाबाद जंगल में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर करीब 10 दिन से थमी दहशत मंगलवार को फिर बढ़ गई। गांव के पास जंगल की सीमा पर वनरोज के बच्चे का नोचा हुआ शव मिलने से ग्रामीणों में तेंदुए के लौटने की आशंका पैदा हो गई। सूचना पर वन विभाग की तीन टीमों ने जंगल में घंटों तलाश की। करीब दो दर्जन पगचिह्न मिले, लेकिन जांच में ये सियार के निकले।
ग्रामीणों की आवाजाही से कई पगचिह्न मिट भी चुके थे। तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि के लिए बुधवार को जंगल में छह हाई विजुअल कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे लगातार निगरानी की जाएगी। शरीफाबाद और आसपास का जंगल करीब 500 हेक्टेयर में फैला है और अमेठी जिले की सीमा से लगा है। पिछले डेढ़ महीने से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
इससे पहले वनरोज, बछिया और बंदर के शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि करीब 10 दिन से तेंदुए की कोई नई गतिविधि सामने नहीं आने से ग्रामीण राहत में थे। मंगलवार को जंगल किनारे वनरोज का शव मिलने के बाद फिर चर्चा शुरू हो गई। शव की तस्वीरें गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित हुईं और ग्रामीणों ने इसे तेंदुए का शिकार बताया।
विज्ञापन
डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। अभी तेंदुए के प्रमाण नहीं मिले हैं। कैमरों से पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि है या किसी अन्य जंगली जानवर की।
विज्ञापन
ग्रामीणों की आवाजाही से कई पगचिह्न मिट भी चुके थे। तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि के लिए बुधवार को जंगल में छह हाई विजुअल कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे लगातार निगरानी की जाएगी। शरीफाबाद और आसपास का जंगल करीब 500 हेक्टेयर में फैला है और अमेठी जिले की सीमा से लगा है। पिछले डेढ़ महीने से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
विज्ञापन
इससे पहले वनरोज, बछिया और बंदर के शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि करीब 10 दिन से तेंदुए की कोई नई गतिविधि सामने नहीं आने से ग्रामीण राहत में थे। मंगलवार को जंगल किनारे वनरोज का शव मिलने के बाद फिर चर्चा शुरू हो गई। शव की तस्वीरें गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित हुईं और ग्रामीणों ने इसे तेंदुए का शिकार बताया।
विज्ञापन
डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। अभी तेंदुए के प्रमाण नहीं मिले हैं। कैमरों से पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि है या किसी अन्य जंगली जानवर की।