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यमुना पुल क्षतिग्रस्त, तीन फीट का गड्ढा
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Yamuna bridge damaged, three feet pit
- फोटो : BANDA
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बेंदा घाट। बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर बेंदा घाट में यमुना नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। बांदा की ओर से तीसरे पिलर के पास करीब तीन फीट का गहरा गड्ढा हो गया है। 48 घंटे बाद भी पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम ने सुध नहीं ली है। यहां से 24 घंटे में करीब तीन हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन जारी है।
बांदा-फतेहपुर सीमा पर पुल का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उद्घाटन किया था। पुल जर्जर होने के बावजूद बालू-गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों का आवागमन जारी है।
कुछ वर्षों से बांदा, हमीरपुर और महोबा जनपदों से बड़ी संख्या में बालू, गिट्टी लद ट्रकों के निकलने से पुल को नुकसान पहुंच रहा है। इसके चलते पूरे पुल की सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। रेलिंग भी टूटी हुई है। इस हाईवे का रखरखाव पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाईवे यूनिट (रायबरेली) के जिम्मे है।
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पहले भी पिलर और बुश हो चुके हैं क्षतिग्रस्त
यमुना नदी का पुल पहले भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। कुल 24 पिलर पर पुल बना है। वर्ष 2018 में एक पिलर का बुश खिसक गया था। पुल में बड़ा गैप आ जाने से कई दिन आवागमन ठप रहा। इसके अलावा वर्ष 2020 में भी पुल का कुछ हिस्सा धंस गया था। जगह-जगह लोहे की सरिया नजर आ रही हैं। बेंदा घाट के पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने बताया कि पुल में पानी की निकासी के लिए बनाई गईं जालियां सफाई न होने से चोक हो गईं हैं। एनएच डिवीजन या सेतु निगम दोनों ही इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
टेंडर हो चुका है, जल्द होगी मरम्मत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की रायबरेली यूनिट के प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश तिलक ने बताया कि बांदा-टांडा नेशनल हाईवे की मरम्मत का टेंडर हो चुका है। अगले हफ्ते तक इस पर काम शुरू हो जाएगा। पहले क्षतिग्रस्त भाग को दुरुस्त कराया जाएगा।
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बांदा-फतेहपुर सीमा पर पुल का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उद्घाटन किया था। पुल जर्जर होने के बावजूद बालू-गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों का आवागमन जारी है।
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कुछ वर्षों से बांदा, हमीरपुर और महोबा जनपदों से बड़ी संख्या में बालू, गिट्टी लद ट्रकों के निकलने से पुल को नुकसान पहुंच रहा है। इसके चलते पूरे पुल की सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। रेलिंग भी टूटी हुई है। इस हाईवे का रखरखाव पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाईवे यूनिट (रायबरेली) के जिम्मे है।
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पहले भी पिलर और बुश हो चुके हैं क्षतिग्रस्त
यमुना नदी का पुल पहले भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। कुल 24 पिलर पर पुल बना है। वर्ष 2018 में एक पिलर का बुश खिसक गया था। पुल में बड़ा गैप आ जाने से कई दिन आवागमन ठप रहा। इसके अलावा वर्ष 2020 में भी पुल का कुछ हिस्सा धंस गया था। जगह-जगह लोहे की सरिया नजर आ रही हैं। बेंदा घाट के पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने बताया कि पुल में पानी की निकासी के लिए बनाई गईं जालियां सफाई न होने से चोक हो गईं हैं। एनएच डिवीजन या सेतु निगम दोनों ही इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
टेंडर हो चुका है, जल्द होगी मरम्मत
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की रायबरेली यूनिट के प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश तिलक ने बताया कि बांदा-टांडा नेशनल हाईवे की मरम्मत का टेंडर हो चुका है। अगले हफ्ते तक इस पर काम शुरू हो जाएगा। पहले क्षतिग्रस्त भाग को दुरुस्त कराया जाएगा।