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Banda News: नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां शैलपुत्री का पूजन
Tue, 23 Sep 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:00 AM IST
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फोटो- 20 विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ के ऊपर विराजमान देवी दर्शन को जाते श्रद्धालु। संवाद
बांदा। शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो गए। सुबह से प्राचीन देवी मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मां जगदंबा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन किया। सर्वाधिक भीड़ शहर के प्राचीन देवी मंदिर महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, महामाई आदि में रही। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कमान संभालनी पड़ी। इन मंदिरों को जाने वाले रास्तों में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। घरों में नौ दिनों तक व्रत रखने श्रद्धालुओं ने घट की स्थापना कर अखंड ज्योति प्रज्वलित कर और जवारा बोएं। पुरोहितों ने यजमानों की भलाई के लिए घरों और मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान देवी पाठ और दुर्गा सप्तशती जाप आदि शुरू किया।
विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ (गिरवां) में नौ दिनों तक चलने वाला मेला भी आज से शुरू हो गया। रामलीला, काला जादू, सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गए। उधर, पंडालों में शाम को मंत्रोच्चारणों के बीच आदिशक्ति की मां दुर्गे की प्रतिमाएं स्थापित की गई। मां जगदंबा के जयकारे गूंजते रहे। दिन ढलते ही पंडाल बिजली की आकर्षक रोशनी से जगमगा उठे। लाउडस्पीकर पर देवी भजनों की धूम रही।
इनसेट-
हर मुराद पूरी करती मां महेश्वरी
बांदा। 51 सिद्धपीठों में एक मां महेश्वरी देवी का मंदिर है। मां की प्रतिमा शिला के रूप में धरती के गर्भ के प्रगट हुई थी। नवाब अली बहादुर के कारीगर महेश्वरी को खुले में स्थापित मां की प्रतिमा नहीं देखी गई। रोज शाम को काम खत्म करने के बाद बचने वाले सीमेंट, मौरंग आदि से मढि़या बनाता था। नवाब अली बहादुर ने भ्रमण के दौरान कारीगर को रात के समय मढि़या बनाते देखा तो मौके पर पहुंच गए। कारीगर पैरों में गिर पड़ा। नवाब अली बहादुर ने महेश्वरी को हुक्म दिया कि मढि़या का निर्माण वह खुद कराएंगे। आज यह मंदिर विशालकाय स्थित है। संवाद
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पूजन अर्चन कर कराया कन्या भोज
बांदा। तिंदवारी में बेंदा की मां काली मंदिर, मुंगुस की सिंह वाहिनी मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ रही। शहर सहित ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। सिंह वाहिनी मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि यहां मां हर मुराद पूरी करती है। मुराद पूरी होने पर घंटा व चूनर चढ़ी है। पैलानी के खप्टिहा कला में स्थित मां पाथादाई मंदिर, मां गढ़ीदाई मंदिर, काली देवी मंदिर, योगिनी माता मंदिर आदि में पूजन अर्चन कर भक्तों ने कन्या भोज कराया। बबेरू में मां मढीदाई मंदिर में पूजन अर्चन कर श्रद्धालुओं ने मन्नत मांगी। इसके समेत अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। संवाद
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विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ (गिरवां) में नौ दिनों तक चलने वाला मेला भी आज से शुरू हो गया। रामलीला, काला जादू, सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गए। उधर, पंडालों में शाम को मंत्रोच्चारणों के बीच आदिशक्ति की मां दुर्गे की प्रतिमाएं स्थापित की गई। मां जगदंबा के जयकारे गूंजते रहे। दिन ढलते ही पंडाल बिजली की आकर्षक रोशनी से जगमगा उठे। लाउडस्पीकर पर देवी भजनों की धूम रही।
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इनसेट-
हर मुराद पूरी करती मां महेश्वरी
बांदा। 51 सिद्धपीठों में एक मां महेश्वरी देवी का मंदिर है। मां की प्रतिमा शिला के रूप में धरती के गर्भ के प्रगट हुई थी। नवाब अली बहादुर के कारीगर महेश्वरी को खुले में स्थापित मां की प्रतिमा नहीं देखी गई। रोज शाम को काम खत्म करने के बाद बचने वाले सीमेंट, मौरंग आदि से मढि़या बनाता था। नवाब अली बहादुर ने भ्रमण के दौरान कारीगर को रात के समय मढि़या बनाते देखा तो मौके पर पहुंच गए। कारीगर पैरों में गिर पड़ा। नवाब अली बहादुर ने महेश्वरी को हुक्म दिया कि मढि़या का निर्माण वह खुद कराएंगे। आज यह मंदिर विशालकाय स्थित है। संवाद
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पूजन अर्चन कर कराया कन्या भोज
बांदा। तिंदवारी में बेंदा की मां काली मंदिर, मुंगुस की सिंह वाहिनी मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ रही। शहर सहित ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। सिंह वाहिनी मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि यहां मां हर मुराद पूरी करती है। मुराद पूरी होने पर घंटा व चूनर चढ़ी है। पैलानी के खप्टिहा कला में स्थित मां पाथादाई मंदिर, मां गढ़ीदाई मंदिर, काली देवी मंदिर, योगिनी माता मंदिर आदि में पूजन अर्चन कर भक्तों ने कन्या भोज कराया। बबेरू में मां मढीदाई मंदिर में पूजन अर्चन कर श्रद्धालुओं ने मन्नत मांगी। इसके समेत अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। संवाद

फोटो- 20 विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ के ऊपर विराजमान देवी दर्शन को जाते श्रद्धालु। संवाद

फोटो- 20 विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ के ऊपर विराजमान देवी दर्शन को जाते श्रद्धालु। संवाद

फोटो- 20 विंध्यवासिनी मंदिर खत्री पहाड़ के ऊपर विराजमान देवी दर्शन को जाते श्रद्धालु। संवाद