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आर्थिक तंगी से परेशान श्रमिक ने ट्रेन से कटकर जान जान
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मटौंध में मृतक की शोकग्रस्त पत्नी और पुत्री।
- फोटो : BANDA
मटौंध। लॉकडाउन में महानगर से आए आर्थिक तंगहाली से परेशान एक और प्रवासी श्रमिक ने आत्महत्या कर ली। मामला मटौंध का है। प्रवासी श्रमिक ने ट्रेन से कटकर जान दी है। परिजनों के मुताबिक श्रमिक बेटी की शादी की चिंता और आर्थिक तंगहाली से परेशान था।
मटौंध नगर के हरिसन थोक का सुनील उर्फ सोनी प्रजापति (45) पुत्र धनीराम हैदराबाद में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के बाद वह वापस आ गया। पत्नी और बच्चों समेत पांच सदस्यीय परिवार का खर्च चलाने के लिए घर में ही छोटी से परचून की दुकान रख ली, लेकिन इससे खर्च नहीं चला। मात्र ढाई बीघा खेत है।
उसकी एक बेटी शादी योग्य है। उसकी शादी की भी उसे चिंता थी। पत्नी और पुत्री ने बताया कि कुछ कर्ज भी हो गया था। इन्हीं सारी चिंताओं और तंगहाली से परेशान होकर सुनील ने शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े 5 बजे घर से करीब तीन किलोमीटर दूर मटौंध रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास मालगाड़ी से कटकर जान दे दी।
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घर के अन्य सदस्य उस समय घर पर सो रहे थे। एक बेटा भी पिता के साथ हैदराबाद में मजदूरी करता है। लॉकडाउन में वह नहीं लौट पाया। थाने के उप निरीक्षक उदयवीर सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मटौंध नगर के हरिसन थोक का सुनील उर्फ सोनी प्रजापति (45) पुत्र धनीराम हैदराबाद में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के बाद वह वापस आ गया। पत्नी और बच्चों समेत पांच सदस्यीय परिवार का खर्च चलाने के लिए घर में ही छोटी से परचून की दुकान रख ली, लेकिन इससे खर्च नहीं चला। मात्र ढाई बीघा खेत है।
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उसकी एक बेटी शादी योग्य है। उसकी शादी की भी उसे चिंता थी। पत्नी और पुत्री ने बताया कि कुछ कर्ज भी हो गया था। इन्हीं सारी चिंताओं और तंगहाली से परेशान होकर सुनील ने शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े 5 बजे घर से करीब तीन किलोमीटर दूर मटौंध रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास मालगाड़ी से कटकर जान दे दी।
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घर के अन्य सदस्य उस समय घर पर सो रहे थे। एक बेटा भी पिता के साथ हैदराबाद में मजदूरी करता है। लॉकडाउन में वह नहीं लौट पाया। थाने के उप निरीक्षक उदयवीर सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।