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Banda News: महिलाओं के नाम आठ हजार से अधिक वाहन, लाइसेंस बने सिर्फ 4190

Wed, 16 Jul 2025 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:30 PM IST
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Women's names of more than eight thousand vehicles, licenses become only 4190
बबेरू रोड स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय। संवादबबेरू रोड स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय। संवादबबे - फोटो : संवाद
बांदा। जिले में महिलाएं वाहन खरीदने और उसे चलाने में तो आगे नजर आ रही हैं, लेकिन यातायात नियमों का पालन करने और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में फिसड्डी साबित हो रही हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो चार हजार दोपहिया और चार पहिया वाहन महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं। महिलाएं दोपहिया और चार पहिया वाहन चला भी रही हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पीछे हैं।
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सहायक संभागीय परिहन अधिकारी श्यामलाल के मुताबिक 4190 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए हैं। जिले में महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी कम है। पुरुषों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या 12 हजार से अधिक है। जनपद में एक लाख 19 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें केवल कार व बाइकें शामिल हैं। प्रति वर्ष पंजीकृत होनें वाली करीब 10 प्रतिशत गाड़ियां भी महिलाओं के नाम हैं। बीते एक वर्ष में लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या में 25 से 35 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
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2020 से 2024 तक बने 25 हजार ड्राइविंग लाइसेंस

बांदा। संभागीय परिवहन कार्यालय के मुताबिक वर्ष 2020 से 2024 तक पुरुषों के 26825 और महिलाओं ने 1020 लाइसेंस बने। कुल मिलाकर प्रति वर्ष करीब छह से आठ हजार लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं। इनमें भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस भी शामिल हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं बहुत पीछे नजर आ रही हैं।




बिना डीएल वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना



बांदा। एआरटीओ श्यामलाल ने बताया कि बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्राविधान है। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम नहीं मिलता। कहा कि वाहन भले ही महिलाओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। कामकाजी महिलाएं और छात्राएं ही लाइसेसं बनवा रही हैं, इसके लिए अभिभावकों की सोंच जिम्मेदार है।
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