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Banda News: संतान न होने से दुखी महिला ने दी जान
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बांदा/मटौंध। मायके में आई महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। मायके व ससुराल पक्ष के लोगों ने संतान न हाेने के चलते दुखी होकर आत्मघाती कदम उठाने की बात कही है।
मटौंध थाना क्षेत्र के हरदौनी गांव निवासी स्मिृता सिंह (32) छह दिन पहले अपने मायके मटौंध कस्बे के घुराहा थोक में पिता अमान सिंह के घर आई थी। यहां उसने शनिवार की रात किसी समय अपने कमरे में साड़ी से पंखे से फंदा लगा लिया। रविवार को सुबह परिजनों ने देखा तो जानकारी हो सकी।
पिता अमान सिंह ने बताया कि स्मिृता इंटर पास थी। उसकी शादी 10 साल पहले हरदौनी गांव के धीरेंद्र सिंह के साथ की गई थी। स्मिृता के ससुर फूल सिंह शिक्षक थे। उनके मरणोपरांत स्मिृता के पति धीरेंद्र सिंह को मृतक आश्रित में प्राथमिक विद्यालय में परिचायक की नौकरी मिल गई थी। वर्तमान में वह अमलोखर गांव में तैनात हैं।
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पिता ने बताया कि बच्चे के लिए स्मिृता का इलाज भी कराया गया, लेकिन संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। जेठ जितेंद्र ने भी यही बात बताई है। इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। मटौंध थाने के एसआई मोहम्मद अकरम ने बताया कि संतान न होने से दुखी होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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मटौंध थाना क्षेत्र के हरदौनी गांव निवासी स्मिृता सिंह (32) छह दिन पहले अपने मायके मटौंध कस्बे के घुराहा थोक में पिता अमान सिंह के घर आई थी। यहां उसने शनिवार की रात किसी समय अपने कमरे में साड़ी से पंखे से फंदा लगा लिया। रविवार को सुबह परिजनों ने देखा तो जानकारी हो सकी।
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पिता अमान सिंह ने बताया कि स्मिृता इंटर पास थी। उसकी शादी 10 साल पहले हरदौनी गांव के धीरेंद्र सिंह के साथ की गई थी। स्मिृता के ससुर फूल सिंह शिक्षक थे। उनके मरणोपरांत स्मिृता के पति धीरेंद्र सिंह को मृतक आश्रित में प्राथमिक विद्यालय में परिचायक की नौकरी मिल गई थी। वर्तमान में वह अमलोखर गांव में तैनात हैं।
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पिता ने बताया कि बच्चे के लिए स्मिृता का इलाज भी कराया गया, लेकिन संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। जेठ जितेंद्र ने भी यही बात बताई है। इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। मटौंध थाने के एसआई मोहम्मद अकरम ने बताया कि संतान न होने से दुखी होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।