फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Without a crop, how will celebrate Holi

होलिका दहन में फसल भूनने की रस्म में रोड़ा

Wed, 04 Mar 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 04 Mar 2015 11:15 PM IST
विज्ञापन
Without a crop, how will celebrate Holi

मौसम के दगा देने से अबकी होली के कई मायने बदल गए। बुजुर्ग किसान बताते हैं कि होली मुख्य रूप से फसल कटाई की शुरुआत का उत्सव होता है। होलिका दहन में गेहूं और चने की फसल के कुछ पौधे बांस में बांधकर भूने जाते हैं, पर अबकी ऐन मौके पर ओलावृष्टि और बारिश ने सदियों से चल आ रही इस परंपरा पर पानी फेर दिया।

विज्ञापन


होली की आग में भूनने लायक फसल बची ही नहीं। कुदरत की इस मार से किसानों और ग्रामीणों के चेहरों की रंगत बदली हुई है। उन पर होली का रंग नहीं चढ़ रहा।

बुजुर्ग किसानों के मुताबिक होली के दिन यह तय होता था कि फसल की कटाई किस दिशा से शुरू की जाए। यह शुद्ध फसल का पर्व है। इसमें किसी प्रतीक देवी-देवता की पूजा नहीं होती। यह पूरी तरह प्रकृति और किसानों से जुड़ा त्योहार है। यह भी
विज्ञापन


किंवदंती है कि होली में जलाई गई आग घर-घर पहुंचाई जाती थी। घर के चूल्हों में इस आग को पूरे साल सुरक्षित रखा जाता था। आग का बुझ जाना अपशकुन समझा जाता था। समय के साथ रवायतें भी बदल गईं। अब होली की आग चूल्हों तक नहीं पहुंचतीं। अलबत्ता फसल कटने से पहले कुछ पौधे होली की आग में भूने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसी के बाद फसल कटाई का काम शुरू होता है। किसानों को मलाल है कि अबकी यह परंपरा निभाई नहीं जा सकेगी। साल भर की मेहनत 20 दिन की ओलावृष्टि में मटियामेट हो गई। इन हालात में गांव की गलियों में होली के रंग कुछ खास गुल नहीं खिला पाएंगे।


बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार,  बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह होने के बाद ग्रामीण इलाकों में होली का पर्व फीका रहेगा। रंग और पिचकारियों की दुकानों से भीड़ गायब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed