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गूंजता रहेगा- ‘यह आकाशवाणी केंद्र छतरपुर है’

Fri, 24 Jun 2022 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 11:12 PM IST
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Will keep reverberating- 'This is AIR Kendra Chhatarpur'
Will keep reverberating- 'This is AIR Kendra Chhatarpur' - फोटो : BANDA
बांदा। ‘नमस्कार यह आकाशवाणी केंद्र छतरपुर है’, बुंदेलखंड के श्रोताओं के कानों में हर सुबह गूंजने वाली यह आवाज बंद नहीं होगी। पिछले 45 वर्षों से चल रहे बुंदेलखंड के लोकप्रिय आकाशवाणी केंद्र (रेडियो स्टेशन), छतरपुर को बंद नहीं किया जा रहा। इस आशय की चल रही खबरों को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। इससे बुंदेलखंड के कवियों, शायरों, साहित्यकारों, लोकगीत गायकों और स्थानीय कलाकारों में खुशी है।
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पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया व अन्य सूत्रों के जरिए यह खबर फैली थी कि केंद्र सरकार आकाशवाणी छतरपुर को बंद करने जा रही है। इस खबर से यूपी-एमपी के बुंदेलखंड के हजारों स्थानीय कलाकारों और श्रोताओं में मायूसी थी। इस पर मध्य प्रदेश के दमोह के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र भेजकर बुंदेली कलाकारों की चिंता से अवगत कराते हुए आकाशवाणी छतरपुर केंद्र बरकरार रखने का अनुरोध किया था।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल.मुरुगन ने हाल ही में राज्यमंत्री पटेल को भेजे पत्र में कहा है कि इस मामले की जांच करवाई है। साथ ही प्रसार भारती ने भी सूचित किया है कि आकाशवाणी छतरपुर केंद्र को बंद नहीं किया है। न ही इस तरह की कोई योजना है।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि कृषि आधारित कार्यक्रम के संबंध में प्रसार भारती ने आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित चैनलों में कुछ समय समन्वित प्रसारण करने का निर्णय किया है। मध्य प्रदेश के विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों से शुरू होने वाले चैनलों से 16-17 घंटे के प्रसारण में मात्र पांच घंटे समन्वित कार्यक्रमों में आवंटित किया गया है। शेष समय में आकाशवाणी छतरपुर समेत मध्य प्रदेश के आकाशवाणी केंद्र राष्ट्रीय एवं स्थानीय प्रसारण यथावत कर रहे हैं।

आकाशवाणी ने दी बुंदेली विधाओं को शोहरत
बुंदेलखंड के छतरपुर में आकाशवाणी केंद्र की स्थापना सात अगस्त 1976 को हुई थी। इस मंच से बुंदेली विधाओं को स्थान मिला। यहां से बुंदेली गायकी पूरे देश में स्थापित हुई। स्थानीय कलाकार पंडित देशराज पटेरिया और उर्मिला पांडेय ने इस केंद्र के जरिए अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर कायम की। छतरपुर सहित बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, पन्ना, सतना आदि के कवियों, शायरों, साहित्यकारों आदि की रचनाएं, शायरी अक्सर आकाशवाणी छतरपुर से प्रसारित होती हैं। प्रो. बाबूलाल शर्मा, जवाहरलाल ‘जलज’, सुधीर खरे ‘कमल’, शायर शमीम बांदवी, डॉ. इजहार खालिद, नजरे आलम, साहित्यकार सुधीर सिंह आदि ने आकाशवाणी छतरपुर के बरकरार रखे जाने पर खुशी जताई है।
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