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ड्रोन से करेंगे टिड्डी दल का खात्मा
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ड्रोन से दवा छिड़ककर टिड्डी दल से बचाव का प्रदर्शन करती बांदा कृषि विश्वविद्यालय की टीम।
- फोटो : BANDA
बांदा। टिड्डी दलों से फसल और पेड़ पौधों को बचाने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जाएगी। ड्रोन से टिड्डियों पर दवा का छिड़काव होगा। बांदा कृषि विश्वविद्यालय ने इसके लिए अपना शोध/प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने इसका परीक्षण करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी सौंपी है। विश्वविद्यालय ने तीन ड्रोन किराए पर लिए हैं। इसका प्रयोग/आपरेशन के लिए टीम पीलीभीत पहुंच गई है।
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कुछ दिन पूर्व शासन को भेजे शोध/सुझाव मे कहा था कि फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव और टिड्डी दलों के आक्रमण से निपटने के लिए ड्रोन की मदद ली जाए। शासन ने विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव-परियोजना के लिए हरी झंडी दे दी है।
इस पर विश्वविद्यालय ने तीन ड्रोन किराए पर लेकर परीक्षण शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा.बीके गुप्ता ने बताया कि पीलीभीत जिले में टिड्डी दलों के आक्रमण की खबर मिलने पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम ड्रोन लेकर पीलीभीत पहुंच गई है। वहां ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।
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टीम में विश्वविद्यालय के सह प्राध्यापक (कीट विज्ञान) डॉ. राकेश पांडेय नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ कीट वैज्ञानिक डॉ. चंचल सिंह (कृषि विज्ञान केंद्र, हमीरपुर) भी हैं। डॉ. पांडेय ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव बहुत प्रभावी साबित हो रहा है। अगर समय से उचित प्रबंधन किया जाए तो टिड्डी दलों से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षण आपरेशन की सफलता की रिपोर्ट कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजेंगे। ड्रोन से अन्य फसलों में भी दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है।
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कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कुछ दिन पूर्व शासन को भेजे शोध/सुझाव मे कहा था कि फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव और टिड्डी दलों के आक्रमण से निपटने के लिए ड्रोन की मदद ली जाए। शासन ने विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव-परियोजना के लिए हरी झंडी दे दी है।
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इस पर विश्वविद्यालय ने तीन ड्रोन किराए पर लेकर परीक्षण शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा.बीके गुप्ता ने बताया कि पीलीभीत जिले में टिड्डी दलों के आक्रमण की खबर मिलने पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम ड्रोन लेकर पीलीभीत पहुंच गई है। वहां ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।
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टीम में विश्वविद्यालय के सह प्राध्यापक (कीट विज्ञान) डॉ. राकेश पांडेय नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ कीट वैज्ञानिक डॉ. चंचल सिंह (कृषि विज्ञान केंद्र, हमीरपुर) भी हैं। डॉ. पांडेय ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव बहुत प्रभावी साबित हो रहा है। अगर समय से उचित प्रबंधन किया जाए तो टिड्डी दलों से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षण आपरेशन की सफलता की रिपोर्ट कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजेंगे। ड्रोन से अन्य फसलों में भी दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है।