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गेहूं खरीद धीमी, 46 दिन में 40 फीसदी खरीद
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सरकारी खरीद केंद्र किसानों को अपनी ओर लुभा नहीं पा रहे। यहीं वजह है कि खरीद के बीते 46 दिनों में सिर्फ 86,423 मीट्रिक टन ही चारों जिलों में गेंहू की खरीद हो पाई है, जबकि लक्ष्य इस वर्ष 1.90 लाख मीट्रिक टन खरीद का है।
मंडल में विभिन्न एजेंसियों के 90 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 15 अप्रैल से शुरू हुई खरीद में चारों जिलों में अब तक सिर्फ 17,140 किसानों ने ही सरकारी खरीद केंद्रों मेें गेहूं बेचा है। जब कि इससे कहीं ज्यादा किसानों ने अपनी उपज आढ़तियों को बेच दीं है।
अब तक सिर्फ 48 फीसदी गेहूं की खरीद हो पाई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में किसानों की संख्या 3 लाख है। सरकारी केंद्रों के प्रति किसानों की बेरूखी के पीछे मुख्य वजह यहां नगद भुगतान न होना और अन्य तमाम जटिलताएं हैं। भुगतान के लिए कई कई दिन किसानों को भटकना पड़ता है। बेंचने के समय तमाम शर्ते और अड़ंगे आडे़ आते है। अनावश्यक कटौती होती है। दूसरी तरफ आढ़तों पर हाथों हाथ भुगतान मिलता है। ज्यादा अड़ंगेबाजी नहीं होती।
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चित्रकूटधाम मंडल में अब तक हुई गेहूं खरीद (मीट्रिक टन)
जनपद लक्ष्य खरीद किसान
बांदा 69,500 25,952 0662
हमीरपुर 66,500 27,431 5,561
महोबा 30,000 21,520 7,740
चित्रकूट 24,000 11,520 3,177
योग 1,90000 86,423 17,140
खरीद में महोबा अव्वल, बांदा फिसड्डी
बांदा। मंडल के चारों जिलों में गेहूं खरीद में महोबा जनपद नंबर-1 पर है। यहां अब तक सर्वाधिक 21,520 मीट्रिक टन (70 फीसदी) गेहूं खरीदा जा चुका है। लक्ष्य 30 मीट्रिक टन का है। दूसरे नंबर पर हमीरपुर तीसरे नंबर पर चित्रकूट है। बांदा पांचवे नंबर पर है।
1.39 अरब दाबे हैं एजेंसिंया
बांदा। मंडल में 3,543 किसानों का एजेंसियों पर 1.39 अरब का बकाया है। जनपद बांदा में 49.95 करोड़ की खरीद पर 38.97 करोड़, हमीरपुर में 68.20 करोड़ की खरीद पर 54.96 करोड़, महोबा में 41.42 करोड़ की खरीद पर 27.08 करोड़ और चित्रकूट में 22.01 करोड़ की खरीद पर 19.17 करोड़ रूपए बकाया हैं।
चित्रकूटधाम मंडल से संभागीय खाद्य नियंत्रक अधिकारी संजीत कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन और पंजीयन न होने से गेहूं खरीद सुस्त है। अब जनसेवा केंद्र खुल गए हैं। बड़ी संख्या में पंजीयन हो रहे हैं। किसानों का भुगतान पीसीएफ ने नहीं किया है। अधिकारियों को पत्र भेजकर भुगतान को कहा गया हैं।
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मंडल में विभिन्न एजेंसियों के 90 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 15 अप्रैल से शुरू हुई खरीद में चारों जिलों में अब तक सिर्फ 17,140 किसानों ने ही सरकारी खरीद केंद्रों मेें गेहूं बेचा है। जब कि इससे कहीं ज्यादा किसानों ने अपनी उपज आढ़तियों को बेच दीं है।
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अब तक सिर्फ 48 फीसदी गेहूं की खरीद हो पाई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में किसानों की संख्या 3 लाख है। सरकारी केंद्रों के प्रति किसानों की बेरूखी के पीछे मुख्य वजह यहां नगद भुगतान न होना और अन्य तमाम जटिलताएं हैं। भुगतान के लिए कई कई दिन किसानों को भटकना पड़ता है। बेंचने के समय तमाम शर्ते और अड़ंगे आडे़ आते है। अनावश्यक कटौती होती है। दूसरी तरफ आढ़तों पर हाथों हाथ भुगतान मिलता है। ज्यादा अड़ंगेबाजी नहीं होती।
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चित्रकूटधाम मंडल में अब तक हुई गेहूं खरीद (मीट्रिक टन)
जनपद लक्ष्य खरीद किसान
बांदा 69,500 25,952 0662
हमीरपुर 66,500 27,431 5,561
महोबा 30,000 21,520 7,740
चित्रकूट 24,000 11,520 3,177
योग 1,90000 86,423 17,140
खरीद में महोबा अव्वल, बांदा फिसड्डी
बांदा। मंडल के चारों जिलों में गेहूं खरीद में महोबा जनपद नंबर-1 पर है। यहां अब तक सर्वाधिक 21,520 मीट्रिक टन (70 फीसदी) गेहूं खरीदा जा चुका है। लक्ष्य 30 मीट्रिक टन का है। दूसरे नंबर पर हमीरपुर तीसरे नंबर पर चित्रकूट है। बांदा पांचवे नंबर पर है।
1.39 अरब दाबे हैं एजेंसिंया
बांदा। मंडल में 3,543 किसानों का एजेंसियों पर 1.39 अरब का बकाया है। जनपद बांदा में 49.95 करोड़ की खरीद पर 38.97 करोड़, हमीरपुर में 68.20 करोड़ की खरीद पर 54.96 करोड़, महोबा में 41.42 करोड़ की खरीद पर 27.08 करोड़ और चित्रकूट में 22.01 करोड़ की खरीद पर 19.17 करोड़ रूपए बकाया हैं।
चित्रकूटधाम मंडल से संभागीय खाद्य नियंत्रक अधिकारी संजीत कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन और पंजीयन न होने से गेहूं खरीद सुस्त है। अब जनसेवा केंद्र खुल गए हैं। बड़ी संख्या में पंजीयन हो रहे हैं। किसानों का भुगतान पीसीएफ ने नहीं किया है। अधिकारियों को पत्र भेजकर भुगतान को कहा गया हैं।