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शादीशुदा युवती से विवाह नहीं होने पर दे दी जान
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बांदा। जसपुरा थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव स्थित जंगल में फंदे पर लटके मिले युवक के शव के मामले को परिजन आत्महत्या बता रहे हैं। भाई का कहना है कि विवाहिता से विवाह शादी की जिद पूरी न होने पर युवक ने जान दे दी थी।
नारायणपुर गांव निवासी इंद्रपाल के पुत्र जितेंद्र (22) का शव रविवार को दोपहर जंगल में फंदे पर लटका मिला था। भाई रामजीवन ने बताया कि वह 32 साल की स्वजातीय विवाहिता से शादी करना चाहता था। तीन दिन से घरवालों से झगड़ा कर रहा था। परिजन इसके खिलाफ थे। इसी से क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। वह अहमदाबाद में मजदूरी करता था।
भाई ने यह भी बताया कि करीब 16 साल पहले उसने भी स्वजातीय युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। इस पर 16 साल के लिए उसे और परिवार को बिरादरी ने अलग कर दिया था। 10 दिन पहले ही उसे फिर से बिरादरी में शामिल किया गया था। अब छोटे भाई जितेंद्र की जिद पर पिता ने यह कहकर शादी से रोक दिया था कि कई साल बाद बिरादरी में आना-जाना शुरू हुआ। उसके शादी करने से फिर से परिवार को अलग-थलग कर दिया जाएगा।
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नारायणपुर गांव निवासी इंद्रपाल के पुत्र जितेंद्र (22) का शव रविवार को दोपहर जंगल में फंदे पर लटका मिला था। भाई रामजीवन ने बताया कि वह 32 साल की स्वजातीय विवाहिता से शादी करना चाहता था। तीन दिन से घरवालों से झगड़ा कर रहा था। परिजन इसके खिलाफ थे। इसी से क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। वह अहमदाबाद में मजदूरी करता था।
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भाई ने यह भी बताया कि करीब 16 साल पहले उसने भी स्वजातीय युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। इस पर 16 साल के लिए उसे और परिवार को बिरादरी ने अलग कर दिया था। 10 दिन पहले ही उसे फिर से बिरादरी में शामिल किया गया था। अब छोटे भाई जितेंद्र की जिद पर पिता ने यह कहकर शादी से रोक दिया था कि कई साल बाद बिरादरी में आना-जाना शुरू हुआ। उसके शादी करने से फिर से परिवार को अलग-थलग कर दिया जाएगा।
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