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बुंदेलखंड के गांवों को अब 18 घंटे ही मिलेगी बिजली
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Villages of Bundelkhand will now get electricity only for 18 hours
- फोटो : BANDA
बांदा। नवरात्र और दशहरा जैसे रोशनी से जगमग होने वाले पर्वों पर भी बुंदेलखंड समेत सेंट्रल यूपी के गांवों को रोजाना 18 घंटे ही बिजली मिलेगी। गांव के बाशिंदों को त्योहारों में भी छह घंटे बिना बिजली रहना होगा। कोयले की कमी से पैदा हुए प्रदेश व्यापी बिजली संकट में सुधार के दावों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा 15 रुपये 84 पैसे प्रति यूनिट की महंगी दर से 1.60 करोड़ यूनिट बिजली खरीदे जाने के बाद भी गांवों को त्योहारों में भी 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही।
अक्तूबर के पहले हफ्ते में ही बिजली संकट शुरू हो गया था। शहर से लेकर गांवों तक निर्बाध आपूर्ति पर ब्रेक लगने लगे। बताया गया कि प्रदेश के कई बिजलीघरों में कोयले की कमी से बिजली उत्पादन में कमी आई है। इसी से यह संकट पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक ने इसका संज्ञान लिया और हस्तक्षेप किया, लेकिन कोई सुधार फिलहाल नहीं हुआ।
बिजली संकट का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्तओं को भुगतना पड़ रहा है। त्योहारों के मद्देनजर पावर कार्पोरेशन ने शहरों को तो पूरे समय बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया है, लेकिन गांवों में सिर्फ 18 घंटे ही बिजली दी जाएगी।
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कानपुर स्थित पनकी कंट्रोल रूम से मंगलवार (12 अक्टूबर) को जारी संदेश में बुंदेलखंड और कानपुर सेंट्रल के डेढ़ दर्जन जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी किया है। रोजाना छह घंटे कटौती होगी। हालांकि रात को कटौती नहीं की जाएगी। दो चरणों में कुल 18 घंटे आपूर्ति होगी।
मंडल के शहरी और ग्रामीण क्षेेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पूरी बिजली दी जा रही है। इसमें कोई कटौती नहीं की जा रही। कुछ दिनों के लिए दिक्कत आई थी, वह अब सुधर गई है। -बसंत कुमार झा, मुख्य अभियंता (वितरण), पावर कार्पोरेशन, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
बुंदेलखंड और कानपुर सेंट्रल के जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल
चित्रकूट, महोबा, झांसी, औरैया
इटावा, कानपुर नगर : शाम 3:30 बजे से अगले दिन सुबह 7:30 बजे तक (16 घंटे)। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (2 घंटे)।
बांदा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर,
कानपुर देहात, कन्नौज,
फर्रुखाबाद : शाम 3:05 से अगले दिन सुबह 7:05 बजे तक (12 घंटे)। सुबह 10:05 से दोपहर 12:05 तक (2 घंटे)।
बुंदेलखंड कटौती मुक्त का दावा बेदम
बुंदेलखंड को कई दशकों पूर्व प्रदेश सरकार ने कटौती मुक्त घोषित किया था, लेकिन यह फरमान सिर्फ फाइलों तक सीमित है। जब भी बिजली संकट होता है, बुंदेलखंड भी चपेट में आता है। पावर कार्पोरेशन की दलील होती है कि सामान्य कटौती से मुक्त रखा गया है। आपात कटौती करनी पड़ती है।
18 घंटे का शेड्यूल कागजी
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की बिजली आपूर्ति का शेड्यूल कागजी ज्यादा होगा। शायद ही कोई गांव हो, जहां 18 घंटे बिजली मिले। घंटों और अक्सर तो कई-कई दिन स्थानीय फाल्ट के चलते गांवों की बिजली गुल रहती है।
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अक्तूबर के पहले हफ्ते में ही बिजली संकट शुरू हो गया था। शहर से लेकर गांवों तक निर्बाध आपूर्ति पर ब्रेक लगने लगे। बताया गया कि प्रदेश के कई बिजलीघरों में कोयले की कमी से बिजली उत्पादन में कमी आई है। इसी से यह संकट पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक ने इसका संज्ञान लिया और हस्तक्षेप किया, लेकिन कोई सुधार फिलहाल नहीं हुआ।
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बिजली संकट का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्तओं को भुगतना पड़ रहा है। त्योहारों के मद्देनजर पावर कार्पोरेशन ने शहरों को तो पूरे समय बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बनाया है, लेकिन गांवों में सिर्फ 18 घंटे ही बिजली दी जाएगी।
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कानपुर स्थित पनकी कंट्रोल रूम से मंगलवार (12 अक्टूबर) को जारी संदेश में बुंदेलखंड और कानपुर सेंट्रल के डेढ़ दर्जन जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी किया है। रोजाना छह घंटे कटौती होगी। हालांकि रात को कटौती नहीं की जाएगी। दो चरणों में कुल 18 घंटे आपूर्ति होगी।
मंडल के शहरी और ग्रामीण क्षेेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पूरी बिजली दी जा रही है। इसमें कोई कटौती नहीं की जा रही। कुछ दिनों के लिए दिक्कत आई थी, वह अब सुधर गई है। -बसंत कुमार झा, मुख्य अभियंता (वितरण), पावर कार्पोरेशन, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
बुंदेलखंड और कानपुर सेंट्रल के जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल
चित्रकूट, महोबा, झांसी, औरैया
इटावा, कानपुर नगर : शाम 3:30 बजे से अगले दिन सुबह 7:30 बजे तक (16 घंटे)। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (2 घंटे)।
बांदा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर,
कानपुर देहात, कन्नौज,
फर्रुखाबाद : शाम 3:05 से अगले दिन सुबह 7:05 बजे तक (12 घंटे)। सुबह 10:05 से दोपहर 12:05 तक (2 घंटे)।
बुंदेलखंड कटौती मुक्त का दावा बेदम
बुंदेलखंड को कई दशकों पूर्व प्रदेश सरकार ने कटौती मुक्त घोषित किया था, लेकिन यह फरमान सिर्फ फाइलों तक सीमित है। जब भी बिजली संकट होता है, बुंदेलखंड भी चपेट में आता है। पावर कार्पोरेशन की दलील होती है कि सामान्य कटौती से मुक्त रखा गया है। आपात कटौती करनी पड़ती है।
18 घंटे का शेड्यूल कागजी
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की बिजली आपूर्ति का शेड्यूल कागजी ज्यादा होगा। शायद ही कोई गांव हो, जहां 18 घंटे बिजली मिले। घंटों और अक्सर तो कई-कई दिन स्थानीय फाल्ट के चलते गांवों की बिजली गुल रहती है।