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96.19 करोड़ से होगा विकास
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बांदा। गांव की सरकार बनने के बाद अब विकास कार्य की कवायद भी शुरू हो गई। चित्रकूटधाम मंडल की 1407 ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 96 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक का बजट खातों में उपलब्ध है। इस बजट से नवनियुक्त ग्राम प्रधान अपने गांवों में विकास कार्यों को पंख दे सकेंगे।
हालांकि, कोरोना महामारी नवनिर्वाचित प्रधानों के लिए चुनौती है। वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों को केंद्रीय वित्त आयोग (15वें वित्त) से 92 करोड़ 48 लाख 19 हजार रुपये और राज्य (5वां वित्त) आयोग से 32 करोड़ 5 लाख 32 हजार लाख (कुल एक अरब 24 करोड़ 54 लाख 9 हजार) रुपये दिए गए थे। इस बजट का इस्तेमाल गांवों के विकास में किया जाना था, लेकिन ग्राम पंचायतें दोनों मदों का कुल 28 करोड़ 35 लाख रुपये ही खर्च कर सकीं।
ग्राम पंचायतों के खातों में दोनों मदों का 96 करोड़ 19 लाख रुपये बजट अवशेष है। नतीजे में नवनिर्वाचित प्रधानों को बजट की समस्या नहीं रहेगी। पंचायत चुनाव के बाद गांवों में घुसी कोरोना महामारी को नियंत्रण करना भी ग्राम प्रधानों की पहली प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए वह इस धनराशि का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। इसके अलावा अधूरे विकास कार्यों को पूरा करा सकेंगे।
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इंसेट---
ग्राम पंचायतों को मिली केंद्रीय, राज्य वित्त आयोग राशि का ब्योरा---
जनपद ग्राम पंचायत केंद्रीय राज्य अवशेष
बांदा 469 1829.97 663.80 619.65
चित्रकूट 335 2256.28 886.70 शून्य
हमीरपुर 330 2626.88 913.38 4338.65
महोबा 273 2837.63 742.02 4660.76
योग 1407 9550.76 3205.90 9619.06
इंसेट---
बजट काफी देर से मिला था। कोरोना संक्रमण के कारण निवर्तमान ग्राम प्रधान यह बजट खर्च नहीं कर सके। न ही तीव्र गति से विकास कार्य करा सके। लिहाजा पिछले वित्तीय वर्ष के बजट का काफी पैसा बच गया। इसका उपयोग नए प्रधान कर सकेंगे।
- दिनेश सिंह, उप निदेशक (पंचायत), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
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हालांकि, कोरोना महामारी नवनिर्वाचित प्रधानों के लिए चुनौती है। वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों को केंद्रीय वित्त आयोग (15वें वित्त) से 92 करोड़ 48 लाख 19 हजार रुपये और राज्य (5वां वित्त) आयोग से 32 करोड़ 5 लाख 32 हजार लाख (कुल एक अरब 24 करोड़ 54 लाख 9 हजार) रुपये दिए गए थे। इस बजट का इस्तेमाल गांवों के विकास में किया जाना था, लेकिन ग्राम पंचायतें दोनों मदों का कुल 28 करोड़ 35 लाख रुपये ही खर्च कर सकीं।
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ग्राम पंचायतों के खातों में दोनों मदों का 96 करोड़ 19 लाख रुपये बजट अवशेष है। नतीजे में नवनिर्वाचित प्रधानों को बजट की समस्या नहीं रहेगी। पंचायत चुनाव के बाद गांवों में घुसी कोरोना महामारी को नियंत्रण करना भी ग्राम प्रधानों की पहली प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए वह इस धनराशि का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। इसके अलावा अधूरे विकास कार्यों को पूरा करा सकेंगे।
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ग्राम पंचायतों को मिली केंद्रीय, राज्य वित्त आयोग राशि का ब्योरा---
जनपद ग्राम पंचायत केंद्रीय राज्य अवशेष
बांदा 469 1829.97 663.80 619.65
चित्रकूट 335 2256.28 886.70 शून्य
हमीरपुर 330 2626.88 913.38 4338.65
महोबा 273 2837.63 742.02 4660.76
योग 1407 9550.76 3205.90 9619.06
इंसेट---
बजट काफी देर से मिला था। कोरोना संक्रमण के कारण निवर्तमान ग्राम प्रधान यह बजट खर्च नहीं कर सके। न ही तीव्र गति से विकास कार्य करा सके। लिहाजा पिछले वित्तीय वर्ष के बजट का काफी पैसा बच गया। इसका उपयोग नए प्रधान कर सकेंगे।
- दिनेश सिंह, उप निदेशक (पंचायत), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा