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खनिज विभाग ने 26 करोड़ लेकर एमपी में दी खदान

Tue, 16 Feb 2021 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 11:11 PM IST
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करतल। यूपी के खनिज विभाग ने 26 करोड़ रुपये रायल्टी जमा कराकर मध्यप्रदेश में खदान आवंटित कर दी। ठेका लेने वाली बिहार की कंपनी ने वहां खनन शुरू किया तो मध्यप्रदेश वालों ने उन्हें खदेड़ लिया और मशीनें जब्त कर लीं। ठेकेदार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसी के बाद सोमवार को बांदा के राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने खदान की पैमाइश की।
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नरैनी तहसील के बिल्हरका गांव के पास केन नदी की बालू खदान खंड संख्या एक खनिज विभाग ने बिहार निवासी विनय सिंह के नाम 26 करोड़ में स्वीकृत की है। ठेकेदार के मुताबिक, इसका रकबा 25 हेक्टेयर है। ठेकेदार ने बताया कि खदान का मौके पर पता किया गया तो यह सीमावर्ती मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद में है। वहां खनन शुरू कराने पर स्थानीय प्रशासन व उनके लोगों ने उसकी मशीनें जब्त कर लीं। ठेकेदार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश खनिज विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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इस पर उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। सोमवार को नरैनी एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव राजस्व और खनिज कर्मियों के साथ अभिलेखों संग यहां पैमाइश कराई। फिलहाल कोई हल नहीं निकला है। पैमाइश के दौरान नरैनी तहसीलदार एसके सिंह और लेखपाल हनुमान प्रसाद भी उपस्थित थे। मामला सीमा विवाद में अटका हुआ है। ठेकेदार का कहना है कि यूपी के खनिज विभाग ने उन्हें ऐसी जगह खदान बताई है, जहां पत्थरों के अलावा कुछ नहीं है। सीमा चिह्नित करने के लिए किसी तरह का कोई स्तंभ या बाउंड्री नहीं है।
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