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पति को उम्रकैद, ससुर को दस वर्ष का कारावास
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बांदा। दहेज के लिए की गई हत्या के जुर्म में पति को एफटीसी प्रथम न्यायाधीश नूपुर ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा दी है। ससुर को भी दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कैद से दंडित किया गया है। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना हुआ।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव निवासी रामलाल कुशवाहा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 जनवरी 2016 को उसने अपनी बेटी मिथलेश उर्फ अंजली की शादी बबेरू क्षेत्र के बेर्रांव गांव निवासी रामभवन के बेटे आनंद से की थी। हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था। इसके बाद भी ससुराल में अंजली पर 2 लाख रुपये और मंगाने का दबाव डालकर प्रताड़ित किया जाता रहा है। 10 जुलाई 2016 को सुबह ससुराल से सूचना दी गई कि उसकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि ससुराल में उसकी हत्या करके फंदे पर लटकाया गया था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति समेत पांच ससुरालियों पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना में आरोपी पति और ससुर रामभवन को दोषी बताकर अन्य को क्लीनचिट दे दी और आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया। आरोपी सास व जेठ-जेठानी को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने पांच गवाह पेश किए। मंगलवार को एफटीसी प्रथम न्यायाधीश नूपुर ने पति को दोषी मानते हुए उम्रकैद और ससुर को 10 वर्ष की कैद की सजा दी। साथ ही दोनों को 3-3 वर्ष की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना तथा दहेज अधिनियम में 2-2 वर्ष की कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर क्रमश: 2 माह और 3 माह की और कैद होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित होगी।
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इंसेट---
आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज
बांदा। दहेज हत्या के आरोपी पति सुनील की जमानत अर्जी जिला जज गजेंद्र कुमार ने खारिज कर दी। आरोपी सास कलावती की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। डीजीसी विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि तिंदवारी क्षेत्र के गोखिया गांव में सुनील पांडेय के साथ काजल की शादी हुई थी। आरोप था कि दहेज के लिए ससुराल में 30 अक्तूबर 2019 को उसकी हत्या कर दी गई। पति सहित सास-ससुर, जेठानी आदि के विरुद्ध रिपोर्ट है। सभी जेल में बताए गए हैं। (संवाद)
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बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव निवासी रामलाल कुशवाहा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 जनवरी 2016 को उसने अपनी बेटी मिथलेश उर्फ अंजली की शादी बबेरू क्षेत्र के बेर्रांव गांव निवासी रामभवन के बेटे आनंद से की थी। हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था। इसके बाद भी ससुराल में अंजली पर 2 लाख रुपये और मंगाने का दबाव डालकर प्रताड़ित किया जाता रहा है। 10 जुलाई 2016 को सुबह ससुराल से सूचना दी गई कि उसकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि ससुराल में उसकी हत्या करके फंदे पर लटकाया गया था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति समेत पांच ससुरालियों पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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विवेचना में आरोपी पति और ससुर रामभवन को दोषी बताकर अन्य को क्लीनचिट दे दी और आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया। आरोपी सास व जेठ-जेठानी को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने पांच गवाह पेश किए। मंगलवार को एफटीसी प्रथम न्यायाधीश नूपुर ने पति को दोषी मानते हुए उम्रकैद और ससुर को 10 वर्ष की कैद की सजा दी। साथ ही दोनों को 3-3 वर्ष की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना तथा दहेज अधिनियम में 2-2 वर्ष की कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर क्रमश: 2 माह और 3 माह की और कैद होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित होगी।
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आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज
बांदा। दहेज हत्या के आरोपी पति सुनील की जमानत अर्जी जिला जज गजेंद्र कुमार ने खारिज कर दी। आरोपी सास कलावती की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। डीजीसी विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि तिंदवारी क्षेत्र के गोखिया गांव में सुनील पांडेय के साथ काजल की शादी हुई थी। आरोप था कि दहेज के लिए ससुराल में 30 अक्तूबर 2019 को उसकी हत्या कर दी गई। पति सहित सास-ससुर, जेठानी आदि के विरुद्ध रिपोर्ट है। सभी जेल में बताए गए हैं। (संवाद)