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खराब मार्ग के आएंगे अच्छे दिन
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- फोटो : BANDA
खप्टिहा कलां। तीन दशकों से ऊबड़-खाबड़ और खस्ताहाल मार्ग के दिन बहुरने के आसार हैं। मजरा के सुबनसा डेरा से भुइंया रानी तक का करीब दो हजार मीटर कच्चा रास्ता बनवाने की फरियाद डीएम आनंद कुमार सिंह ने सुन ली। डीएम शुक्रवार को यहां वरासत खतौनी सत्यापन कार्यक्रम में आए थे। तभी ग्रामीणों ने मार्ग की दुर्दशा बयां की थी।
डीएम के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम पैलानी रामकुमार ने सुबनसा डेरा मार्ग का जायजा लिया। ग्रामीण रामबाबू, सुंदर यादव, बरदानी प्रजापति आदि ने बताया कि पिछले करीब तीन दशकों से गांव के लोग इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजर रहे हैं। बीमारों और प्रसव के लिए महिलाओं को पलंग कंधे पर रखकर कीचड़ से करीब दो किमी गुजरते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। तरौस, विकौरा थोक आदि के लोग गुजरते हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों का भरोसा दिलाया कि वह डीएम को मार्ग की स्थिति के बारे में पत्र भेजकर अवगत कराएंगे। गांव के कमतू पाल ने बताया कि डेरे में लगभग एक हजार की आबादी है।
इंसेट---
पत्नी, पुत्र और अविवाहित पुत्री को वरासत पहले
खप्टिहा कलां। वरासत अभियान में पहले चरण में मृतक की पत्नी, पुत्र और अविवाहित बेटियों को शामिल किया जाएगा। वरासत सत्यापन में डीएम की अध्यक्षता में हुई चौपाल में एसडीएम रामकुमार ने बताया कि बांगर में 2811 और खादर में 192 खाते हैं। 52 मृतक खातेदारों की वरासत खाते में दर्ज की गई है। तहसीलदार राजीव निगम ने बताया कि विवादित खतौनी/वरासत दर्ज नहीं की गई। एसडीएम ने कहा कि छूट गए लोगों की वरासत 7 दिन के अंदर ऑनलाइन कराई जा सकेगी। डीएम ने गांव में प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, मनरेगा, हैंडपंप, नलकूप, राशन आदि की भी जानकारियां लीं। इस मौके पर बीडीओ अमित कुमार यादव, चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश द्विवेदी, राजस्व निरीक्षक विजय कुमार, पंचायत सचिव दिनेश कुमार आदि मौजूद थे।
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डीएम के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम पैलानी रामकुमार ने सुबनसा डेरा मार्ग का जायजा लिया। ग्रामीण रामबाबू, सुंदर यादव, बरदानी प्रजापति आदि ने बताया कि पिछले करीब तीन दशकों से गांव के लोग इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजर रहे हैं। बीमारों और प्रसव के लिए महिलाओं को पलंग कंधे पर रखकर कीचड़ से करीब दो किमी गुजरते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। तरौस, विकौरा थोक आदि के लोग गुजरते हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों का भरोसा दिलाया कि वह डीएम को मार्ग की स्थिति के बारे में पत्र भेजकर अवगत कराएंगे। गांव के कमतू पाल ने बताया कि डेरे में लगभग एक हजार की आबादी है।
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पत्नी, पुत्र और अविवाहित पुत्री को वरासत पहले
खप्टिहा कलां। वरासत अभियान में पहले चरण में मृतक की पत्नी, पुत्र और अविवाहित बेटियों को शामिल किया जाएगा। वरासत सत्यापन में डीएम की अध्यक्षता में हुई चौपाल में एसडीएम रामकुमार ने बताया कि बांगर में 2811 और खादर में 192 खाते हैं। 52 मृतक खातेदारों की वरासत खाते में दर्ज की गई है। तहसीलदार राजीव निगम ने बताया कि विवादित खतौनी/वरासत दर्ज नहीं की गई। एसडीएम ने कहा कि छूट गए लोगों की वरासत 7 दिन के अंदर ऑनलाइन कराई जा सकेगी। डीएम ने गांव में प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, मनरेगा, हैंडपंप, नलकूप, राशन आदि की भी जानकारियां लीं। इस मौके पर बीडीओ अमित कुमार यादव, चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश द्विवेदी, राजस्व निरीक्षक विजय कुमार, पंचायत सचिव दिनेश कुमार आदि मौजूद थे।
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