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दो सीटों पर दिग्गज दरकिनार, नए नेताओं पर भाजपा का भरोसा
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प्रकाश द्विवेदी
- फोटो : BANDA
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बांदा। विधान सभा चुनाव के दंगल में बांदा के दो मौजूदा विधायकों को भाजपा ने टिकट के दांव में चित कर दिया है। उनके स्थान पर नए चेहरे उतारे हैं। अलबत्ता बांदा सदर सीट पर मौजूदा विधायक अपनी दूसरी पारी खेलने की मंशा में सफल हुए हैं। दलों के समझौते और बंटवारे में फंसी तिंदवारी सीट को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है।
शुक्रवार को शाम भाजपा ने विधान सभा की 85 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसमें बांदा के तीन क्षेत्र शामिल हैं। सदर सीट से प्रकाश द्विवेदी को दोबारा मौका दिया गया है। बबेरू से चंद्रपाल कुशवाहा के स्थान पर अजय पटेल चुनाव लड़ेंगे। सुरक्षित सीट नरैनी से मौजूदा नगर पंचायत अध्यक्ष ओममणि वर्मा कमल के साथ चुनावी समर में कूदेंगी। यहां के मौजूदा विधायक राजकरण कबीर का टिकट काट दिया गया है।
उधर, सबसे चर्चित सीट तिंदवारी को लेकर भाजपा हाईकमान अभी भी कोई फैसला नहीं ले सकी। चर्चा है कि यहां हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक दलजीत सिंह की दावेदारी और पैरवी सबसे मजबूत चल रही है। दूसरी तरफ भाजपा से समझौता करने वाले सहयोगी दल निषाद पार्टी जिन सीटों पर अपना दावा कर रही है उसमें तिंदवारी भी शामिल है। संभवत: पेंच में फिलहाल टिकट फाइनल नहीं हो सका है।
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बांदा सदर सीट से दोबारा भाजपा के घोषित प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी ने अपनी चुनावी सियासत की शुरूआत पिछले चुनाव 2017 में की। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। बसपा के मधुसूदन कुशवाहा और कांग्रेस के पूर्व मंत्री विवेक कुमार सिंह को काफी मतों के अंतर से पराजित किया। प्रकाश द्विवेदी सहकारिता में भी पदाधिकारी रहे हैं। पांच वर्ष के कार्यकाल में भाजपा में कई दिग्गजों को दरकिनार कर अपनी हनक बना ली।
बबेरू से घोषित भाजपा प्रत्याशी अजय पटेल वर्ष 2012 के चुनाव में भी भाजपा से प्रत्याशी थे। लेकिन सपा के विशंभर सिंह यादव से बहुत कम वोटों से हार गए थे। भाजपा राष्ट्रीय व प्रांतीय परिषद के सदस्य, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में प्रदेश कार्य समिति सदस्य हैं। किसान नेता के रूप में काफी शोहरत है। पिछले करीब दो दशकों से भाजपा में सक्रिय बताए गए हैं। भाजपा हाईकमान ने मौजूदा विधायक चंद्रपाल कुशवाहा सहित कई अन्य भाजपा नेताओं के दावों को खारिज कर अजय की जय-जय कर दी।
वर्ष 2017 में कमल के फूल के सहारे नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर पहुंचीं ओममणि वर्मा पर भाजपा हाईकमान ने अबकी और बड़ा भरोसा जताया है। इस क्षेत्र के मौजूदा विधायक राजकरण कबीर सहित टिकट के कई दावेदार दिग्गजों को दरकिनार कर ओममणि वर्मा पर इस सुरक्षित सीट में दांव लगाया है। ओममणि ने वर्ष 2014 में भाजपा में इंट्री की थी। वह भाजपा महिला मोर्चा की मौजूदा जिला उपाध्यक्ष भी हैं। पति पवन वर्मा अतर्रा तहसील में एसडीएम के स्टेनो हैं।
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शुक्रवार को शाम भाजपा ने विधान सभा की 85 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसमें बांदा के तीन क्षेत्र शामिल हैं। सदर सीट से प्रकाश द्विवेदी को दोबारा मौका दिया गया है। बबेरू से चंद्रपाल कुशवाहा के स्थान पर अजय पटेल चुनाव लड़ेंगे। सुरक्षित सीट नरैनी से मौजूदा नगर पंचायत अध्यक्ष ओममणि वर्मा कमल के साथ चुनावी समर में कूदेंगी। यहां के मौजूदा विधायक राजकरण कबीर का टिकट काट दिया गया है।
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उधर, सबसे चर्चित सीट तिंदवारी को लेकर भाजपा हाईकमान अभी भी कोई फैसला नहीं ले सकी। चर्चा है कि यहां हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक दलजीत सिंह की दावेदारी और पैरवी सबसे मजबूत चल रही है। दूसरी तरफ भाजपा से समझौता करने वाले सहयोगी दल निषाद पार्टी जिन सीटों पर अपना दावा कर रही है उसमें तिंदवारी भी शामिल है। संभवत: पेंच में फिलहाल टिकट फाइनल नहीं हो सका है।
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बांदा सदर सीट से दोबारा भाजपा के घोषित प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी ने अपनी चुनावी सियासत की शुरूआत पिछले चुनाव 2017 में की। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। बसपा के मधुसूदन कुशवाहा और कांग्रेस के पूर्व मंत्री विवेक कुमार सिंह को काफी मतों के अंतर से पराजित किया। प्रकाश द्विवेदी सहकारिता में भी पदाधिकारी रहे हैं। पांच वर्ष के कार्यकाल में भाजपा में कई दिग्गजों को दरकिनार कर अपनी हनक बना ली।
बबेरू से घोषित भाजपा प्रत्याशी अजय पटेल वर्ष 2012 के चुनाव में भी भाजपा से प्रत्याशी थे। लेकिन सपा के विशंभर सिंह यादव से बहुत कम वोटों से हार गए थे। भाजपा राष्ट्रीय व प्रांतीय परिषद के सदस्य, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में प्रदेश कार्य समिति सदस्य हैं। किसान नेता के रूप में काफी शोहरत है। पिछले करीब दो दशकों से भाजपा में सक्रिय बताए गए हैं। भाजपा हाईकमान ने मौजूदा विधायक चंद्रपाल कुशवाहा सहित कई अन्य भाजपा नेताओं के दावों को खारिज कर अजय की जय-जय कर दी।
वर्ष 2017 में कमल के फूल के सहारे नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर पहुंचीं ओममणि वर्मा पर भाजपा हाईकमान ने अबकी और बड़ा भरोसा जताया है। इस क्षेत्र के मौजूदा विधायक राजकरण कबीर सहित टिकट के कई दावेदार दिग्गजों को दरकिनार कर ओममणि वर्मा पर इस सुरक्षित सीट में दांव लगाया है। ओममणि ने वर्ष 2014 में भाजपा में इंट्री की थी। वह भाजपा महिला मोर्चा की मौजूदा जिला उपाध्यक्ष भी हैं। पति पवन वर्मा अतर्रा तहसील में एसडीएम के स्टेनो हैं।

अजय पटेल - फोटो : BANDA

ओममणि वर्मा- फोटो : BANDA