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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में जून में दौड़ेंगे वाहन
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Vehicles will run in Bundelkhand Expressway in June
- फोटो : BANDA
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बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर जून में वाहन दौड़ने लगेंगे। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी यह दावा किया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। जबकि अभी बांदा और चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे का काफी काम बाकी है। वहीं, इटावा की तरफ काम का लगभग पूरा होने को है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2020 को रखी थी। कार्यदायी संस्था यूपीडा ने 296.07 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का तेजी से काम किया है। सात जनपदों से गुजर रहे इस एक्सप्रेस-वे को मौजूदा भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए इस पर नजर रखी। सरकार की मंशा थी कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व एक्सप्रेस-वे को चालू कर दिया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीडा को दिसंबर (2021) में इसे चालू करने के निर्देश दिए थे।
चुनाव बाद अब फिर एक्सप्रेस-वे के काम में तेजी लाई गई है। हाल ही में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का काम 91.06 प्रतिशत पूरा हो चुका है। शेष काम मई या जून के पहले सप्ताह में पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन कराया जाएगा। हालांकि मंत्री की यह घोषणा धरातल पर उतारने के लिए कार्यदायी संस्था को काफी पापड़ बेलने पड़ेंगे। एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर कुदरैल (इटावा) की तरफ निर्माण कार्य लगभग खत्म होने को है, लेकिन शुरूआती छोर गोंडा (चित्रकूट) से लेकर बांदा और हमीरपुर आदि जनपदों में अभी काफी काम बाकी है। एक्सप्रेस-वे जून तक चालू करने के लिए यहां युद्धस्तर पर काम करना होगा।
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बुंदेलखंड से दिल्ली पांच घंटे में
बांदा। आमतौर पर संपर्क मार्गों के लिए भी तरसने वाले बुंदेलखंड में 4 से 6 लेन का अत्याधुनिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड के लोग पांच घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। एक्सप्रेस-वे में डिफेंस कॉरिडोर, पेट्रोल पंप, शौचालय इत्यादि की सुविधाएं रहेंगी। यह एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।
बुंदेलखंड में एक्सप्रेस-वे एक नजर में-
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में शामिल जनपद : चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया, इटावा।
एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई : यह चार लेन का है, बाद में इसे छह लेन तक किया जाएगा। इसके राइट ऑफ-वे की चौड़ाई 110 मीटर है। एक्सप्रेस-वे की एक ओर 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जा रही है, ताकि आसपास के गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।
एक्सप्रेस-वे में पड़ने वाली मुख्य नदियां : बागेन, केन, श्यामा, चंद्रावल, बिरमा, यमुना, बेतवा, सेंगर।
एक्सप्रेस-वे का ढांचा : कुल चार रेलवे ओवरब्रिज। 14 बड़े पुल। छह टोल प्लाजा। सात रैंप प्लाजा। 266 छोटे पुल। 18 फ्लाई ओवर। एक्सप्रेस-वे को छह पैकेजों में बांटा गया है। अलग-अलग कंपनियां काम कर रही हैं।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2020 को रखी थी। कार्यदायी संस्था यूपीडा ने 296.07 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का तेजी से काम किया है। सात जनपदों से गुजर रहे इस एक्सप्रेस-वे को मौजूदा भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए इस पर नजर रखी। सरकार की मंशा थी कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व एक्सप्रेस-वे को चालू कर दिया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीडा को दिसंबर (2021) में इसे चालू करने के निर्देश दिए थे।
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चुनाव बाद अब फिर एक्सप्रेस-वे के काम में तेजी लाई गई है। हाल ही में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का काम 91.06 प्रतिशत पूरा हो चुका है। शेष काम मई या जून के पहले सप्ताह में पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन कराया जाएगा। हालांकि मंत्री की यह घोषणा धरातल पर उतारने के लिए कार्यदायी संस्था को काफी पापड़ बेलने पड़ेंगे। एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर कुदरैल (इटावा) की तरफ निर्माण कार्य लगभग खत्म होने को है, लेकिन शुरूआती छोर गोंडा (चित्रकूट) से लेकर बांदा और हमीरपुर आदि जनपदों में अभी काफी काम बाकी है। एक्सप्रेस-वे जून तक चालू करने के लिए यहां युद्धस्तर पर काम करना होगा।
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बुंदेलखंड से दिल्ली पांच घंटे में
बांदा। आमतौर पर संपर्क मार्गों के लिए भी तरसने वाले बुंदेलखंड में 4 से 6 लेन का अत्याधुनिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड के लोग पांच घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। एक्सप्रेस-वे में डिफेंस कॉरिडोर, पेट्रोल पंप, शौचालय इत्यादि की सुविधाएं रहेंगी। यह एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।
बुंदेलखंड में एक्सप्रेस-वे एक नजर में-
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में शामिल जनपद : चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया, इटावा।
एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई : यह चार लेन का है, बाद में इसे छह लेन तक किया जाएगा। इसके राइट ऑफ-वे की चौड़ाई 110 मीटर है। एक्सप्रेस-वे की एक ओर 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जा रही है, ताकि आसपास के गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।
एक्सप्रेस-वे में पड़ने वाली मुख्य नदियां : बागेन, केन, श्यामा, चंद्रावल, बिरमा, यमुना, बेतवा, सेंगर।
एक्सप्रेस-वे का ढांचा : कुल चार रेलवे ओवरब्रिज। 14 बड़े पुल। छह टोल प्लाजा। सात रैंप प्लाजा। 266 छोटे पुल। 18 फ्लाई ओवर। एक्सप्रेस-वे को छह पैकेजों में बांटा गया है। अलग-अलग कंपनियां काम कर रही हैं।