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पशुओं को टीका और ईयर टैगिंग अब गांव में ही
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बांदा। पशुपालकों को अब गांव में ही पशु टीकाकरण और ईयर टैगिंग की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक हजार पशुओं पर एक वैक्टीनेटर व एक सहायक की नियुक्ति होगी। पशु पालन विभाग इन्हें ट्रेनिंग देगा। साथ ही प्रति पशु टीकाकरण के लिए तीन रुपये और ईयर टैगिंग के लिए ढाई रुपये का भुगतान करेगा।
पशु गणना के अनुसार जनपद में 471 ग्राम पंचायतों में पालतू पशुओं की संख्या 75 हजार है। ग्राम पंचायत स्तर पर पशु चिकित्सालय न होने से किसानों को ब्लाक या जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इस दुश्वारी के चलते अधिकांश पशु टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। इसी के मद्देनजर अब सरकार ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक वैक्टीनेटर व सहायक की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। यह गांवों में पशुओं का टीकाकरण व ईयर टैगिंग करेंगे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.आईएन सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें विभागीय प्रशिक्षित पैरावेट व पशुमित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनके उपलब्ध न होने पर प्रेरक किसान को नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनका चयन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कमेटी द्वारा किया जाएगा। जिस ग्राम पंचायत में एक हजार से अधिक पशु हैं तो वैक्टीनेटर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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पशु गणना के अनुसार जनपद में 471 ग्राम पंचायतों में पालतू पशुओं की संख्या 75 हजार है। ग्राम पंचायत स्तर पर पशु चिकित्सालय न होने से किसानों को ब्लाक या जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इस दुश्वारी के चलते अधिकांश पशु टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। इसी के मद्देनजर अब सरकार ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक वैक्टीनेटर व सहायक की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। यह गांवों में पशुओं का टीकाकरण व ईयर टैगिंग करेंगे।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.आईएन सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें विभागीय प्रशिक्षित पैरावेट व पशुमित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनके उपलब्ध न होने पर प्रेरक किसान को नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनका चयन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कमेटी द्वारा किया जाएगा। जिस ग्राम पंचायत में एक हजार से अधिक पशु हैं तो वैक्टीनेटर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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