फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Uproar in trauma center over writing the investigation of the deceased

Banda News: मृतक की जांच लिखने पर ट्राॅमा सेंटर में हंगामा

Tue, 21 May 2024 01:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 01:26 AM IST
विज्ञापन
Uproar in trauma center over writing the investigation of the deceased
बांदा। मृतक बुजुर्ग की जांच लिखने पर जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि 80 वर्षीय बुुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। ड्यूटी पर तैनात संविदा डॉक्टर ने सिटी स्कैन और ब्लड जांच लिख दीं। हंगामा बढ़ने पर डॉक्टर ने परिजनों से पर्चा छीनकर फाड़ दिया।
विज्ञापन

जानकारी मिलने पर मौके पर सीएमओ व प्रभारी सीएमएस भी पहुंच गए। बेेटे ने सीएमओ और सीएमएस को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ ने टीम गठित कर जांच कराने की बात कही है।
विज्ञापन

बदौसा थाना क्षेत्र के गड़रियन पुरवा अंश दुबरिया गांव निवासी भोला पाल (82) की घर में अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें लेकर सोमवार को सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। यहां ड्यूटी पर तैनात संविदा चिकित्सक डाॅ. अभिनव प्राणायामी को दिखाया। मरीज को देखकर उन्होंने पर्चे पर सिटी स्कैन व ब्लड जांच लिख दी। इस पर परिजन डॉक्टर के ऊपर नाराज हो गए। बेटे सुरेश पाल का कहना था उनके पिता की मौत हो चुकी है। डॉक्टर ने फिर भी जांच लिख दी है। हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर ने उनसे जांच लिखा पर्चा लेकर फाड़कर फेंक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच हंगामे की जानकारी मिलने पर सीएमओ डाॅ. एके श्रीवास्तव व प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता मौके पर पहुंच गए। सुरेश पाल ने सीएमओ व सीएमएस को लिखित शिकायती पत्र दिया है। सीएमओ ने संविदा डॉक्टर अभिनव को ड्यूटी से हटा दिया। सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित करने का आश्वासन दिया। तब परिजन शव लेकर चले गए।

वर्जन
बुजुर्ग के बेटे ने डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत की है। चूंकि संविदा डॉक्टर की नियुक्ति एनएचएम के माध्यम से हुई है, इसलिए शिकायती पत्र सीएमओ को दिया गया है। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।- डॉ. एके श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल पुरुष, बांदा।



परिजन जब मरीज को लेकर आए तब मैंने उनका ब्लड प्रेशर नापा था। ब्लड प्रेशर मशीन बता रही थी। इसलिए परिजनों को जांच लिखी थी। इसके बाद परिजन हंगामा करने लगे। परिजनों के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। -डॉ. अभिनव प्राणायामी
संविदा डॉक्टर, जिला अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed