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ब्राह्मण एक होकर अपनी शक्ति पहचानें
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Up Board,SDM,CM,social distancing,covid 19
- फोटो : BANDA
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बांदा। चार दशक बीत गए, यूपी में मुख्यमंत्री पद पर कोई ब्राह्मण नहीं आया, जबकि प्रदेश की आबादी में सबसे ज्यादा ब्राह्मण वर्ग ही आबाद है। ऐसे में यह जरूरी है कि ब्राह्मण एकजुट हों और अपनी शक्ति पहचानें।
अपनी उपेक्षा का यह शिकवा मंगलवार को यहां आयोजित ब्राह्मण समन्वय समिति की बैठक में बयां किया गया। स्टेशन रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में समन्वय समिति के पर्यवेक्षक वरिष्ठ पत्रकार मनोजकांत मिश्र ने कहा कि 1980 के बाद प्रदेश में कोई भी ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं हुआ, जबकि ब्राह्मण ही जनसंख्या में सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें एक होना होगा और अपनी शक्ति पहचानना होगी।
बैठक में तय किया गया कि ब्राह्मणों के चार संगठन मिलकर यहां समन्वय समिति बनाएंगे। वरिष्ठ पत्रकार अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि बांदा में प्राचीन ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण महासभा, एकता परिषद और अखिल भारतीय एकता महामंच आदि हैं। बैठक में सहमति बनी कि जल्द ही समन्वय समिति गठित होगी। वही समाज के मुद्दों को लेकर दिशा-निर्देश तय करेगी। बैठक में प्रद्युम्न दुबे लालू, राजेश द्विवेदी, राजा कृष्णकांत, अशोक अवस्थी, किप्पी भइया रुपौलिहा आदि शामिल रहे।
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अपनी उपेक्षा का यह शिकवा मंगलवार को यहां आयोजित ब्राह्मण समन्वय समिति की बैठक में बयां किया गया। स्टेशन रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में समन्वय समिति के पर्यवेक्षक वरिष्ठ पत्रकार मनोजकांत मिश्र ने कहा कि 1980 के बाद प्रदेश में कोई भी ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं हुआ, जबकि ब्राह्मण ही जनसंख्या में सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें एक होना होगा और अपनी शक्ति पहचानना होगी।
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बैठक में तय किया गया कि ब्राह्मणों के चार संगठन मिलकर यहां समन्वय समिति बनाएंगे। वरिष्ठ पत्रकार अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि बांदा में प्राचीन ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण महासभा, एकता परिषद और अखिल भारतीय एकता महामंच आदि हैं। बैठक में सहमति बनी कि जल्द ही समन्वय समिति गठित होगी। वही समाज के मुद्दों को लेकर दिशा-निर्देश तय करेगी। बैठक में प्रद्युम्न दुबे लालू, राजेश द्विवेदी, राजा कृष्णकांत, अशोक अवस्थी, किप्पी भइया रुपौलिहा आदि शामिल रहे।
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