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पड़ोसी की गैर इरादतन हत्या में दो को उम्रकैद
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बांदा। अनुसूचित जाति के वृद्ध की गैर इरादतन हत्या में दो आरोपियों को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) ने उम्रकैद और 8-8 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव में 26 अक्टूबर 1999 को दिन में 55 वर्षीय गामा पुत्र रसपाल को पड़ोसी मझलौना पुत्र सदाशिव सिंह व घनश्याम सिंह पुत्र रणछोड़ सिंह ने लाठी व फरसा से हमला कर दिया। बचाने आए पुत्र मुन्ना को भी पीटा।
रसपाल को घायल अवस्था में छोड़कर चले गए। पुत्र मुन्ना ने थाने में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे दिन घायल को पुलिस जिला अस्पताल लाई। लेकिन इलाज के पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के पृष्ठभूमि में गामा द्वारा अपने घर में एक पुराना दरवाजा खुलवा दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर धारा 304 की बढ़ोत्तरी की। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह व एडीजीसी जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा ने 6 गवाह पेश किए। शनिवार को विशेष न्यायाधीश रामकरन द्वितीय ने फैसला सुनाया। हत्या में उम्रकैद सहित मारपीट व एससीएसटी आदि धाराओं में अलग-अलग सजा और जुर्माना किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव में 26 अक्टूबर 1999 को दिन में 55 वर्षीय गामा पुत्र रसपाल को पड़ोसी मझलौना पुत्र सदाशिव सिंह व घनश्याम सिंह पुत्र रणछोड़ सिंह ने लाठी व फरसा से हमला कर दिया। बचाने आए पुत्र मुन्ना को भी पीटा।
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रसपाल को घायल अवस्था में छोड़कर चले गए। पुत्र मुन्ना ने थाने में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे दिन घायल को पुलिस जिला अस्पताल लाई। लेकिन इलाज के पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के पृष्ठभूमि में गामा द्वारा अपने घर में एक पुराना दरवाजा खुलवा दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर धारा 304 की बढ़ोत्तरी की। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह व एडीजीसी जावित्री प्रसाद विश्वकर्मा ने 6 गवाह पेश किए। शनिवार को विशेष न्यायाधीश रामकरन द्वितीय ने फैसला सुनाया। हत्या में उम्रकैद सहित मारपीट व एससीएसटी आदि धाराओं में अलग-अलग सजा और जुर्माना किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।