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हर चुनाव में लागू हो टू चाइल्ड पॉलिसी
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Two child policy applicable in every election
- फोटो : BANDA
बांदा। दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव के लिए अयोग्य किए जाने की चल रही कवायदों पर मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों की मिली जुली राय है। कुछ इसे जनसंख्या नियंत्रण के लिए बेहतर कवायद बता रहे हैं तो कुछ जनप्रतिनिधि इससे सहमत नहीं हैं।
यह भी सवाल कर रहे हैं कि सिर्फ पंचायत चुनाव में ही यह शर्त और पाबंदी क्यों? इसे देश में होने वाले सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए, चाहे वह लोकसभा का चुनाव हो या फिर राज्यसभा का। विधान सभा और विधान परिषद के चुनावों में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
इसे कानून बनाकर सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी मांग उठी की उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की जानी चाहिए।
सरकार का अच्छा है निर्णय
जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी का कहना है कि पंचायत चुनाव में टू चाइल्ड पॉलिसी लागू करना आवश्यक है। इससे जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन मिलेगा। तर्क दिया कि देश की आजादी के समय जनसंख्या करीब 36 करोड़ थी। आज यह 136 करोड़ हो गई है। देश के लिए यह गंभीर समस्या है।
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नियम लागू करना उचित नहीं
नरैनी ब्लाक प्रमुख अवधेश कुमार सिंह के मुताबिक पंचायत चुनाव में दो बच्चों का फार्मूला लागू करना उचित नहीं। चुनाव में सभी की सहभागिता जरूरी है। गांवों के जनप्रतिनिधि पढ़े-लिखे हों यह जरूर किया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार कानून बनाकर लोकसभा और विधानसभा में भी लागू करें।
सरकार ने उठाया सराहनीय कदम
जिला पंचायत सदस्य (तिंदवारी क्षेत्र वार्ड-10) दीपा सिंह गौर की राय में टू चाइल्ड पॉलिसी सरकार का सराहनीय कदम है। इसे लोकसभा और विधान सभा समेत सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए। इससे जनसंख्या पर तो अंकुश लगेगा ही। चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या में भी कमी आएगी।
पूरे देश में सख्ती से किया जाए लागू
डढ़वा मानपुर (फतेहगंज) ग्राम प्रधान सारिका गुप्ता का कहना है कि हम दो-हमारे दो का कानून पूरे देश में सख्ती से लागू किया चाहिए, ताकि देश की जनसंख्या नियंत्रित हो। जनसंख्या पर अंकुश लगने से राज्य और देश का बहुमुखी विकास होगा। सिविल संहिता हर हाल में लागू ही होनी चाहिए।
लोकसभा और विधानसभा में भी हो लागू
क्षेत्र पंचायत सदस्य (ंओरन ग्रामीण) बाबू मिश्रा का कहना है कि पंचायत चुनाव में पहली बार ऐसा किया जा रहा है। हम इसके पक्ष में हैं। बशर्ते इसे लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में भी लागू किया जाए। सभी चुनावों में उम्मीदवार को योग्यता भी कम से कम इंटरमीडिएट होनी ही चाहिए।
पहले ही लागू हो जाना चाहिए था
क्षेत्र पंचायत सदस्य (लोधौरा) रामशरण गुप्ता ने कहा कि प्रत्याशी के लिए दो बच्चों की शर्त सही फैसला है यह पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। देर आए, दुरुस्त आए। इसी तरह प्रत्याशियों के लिए शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की जाना चाहिए। ग्राम पंचायत चुनाव में कोई हाईस्कूल से कम न हो।
सभी चुनावों में हो लागू यह नियम
स्योढ़ा निहालपुर (खत्री पहाड़) के ग्राम प्रधान अचल गिरि ने कहा कि सिर्फ पंचायत चुनाव में ही दो बच्चों की शर्त उचित नहीं। हर चुनाव में पूरे देश में यह लागू होना चाहिए। सरकार का यह फैसला अच्छा है। इसे पंचायत चुनावों के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी लागू किया जाए।
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यह भी सवाल कर रहे हैं कि सिर्फ पंचायत चुनाव में ही यह शर्त और पाबंदी क्यों? इसे देश में होने वाले सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए, चाहे वह लोकसभा का चुनाव हो या फिर राज्यसभा का। विधान सभा और विधान परिषद के चुनावों में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
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इसे कानून बनाकर सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी मांग उठी की उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की जानी चाहिए।
सरकार का अच्छा है निर्णय
जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी का कहना है कि पंचायत चुनाव में टू चाइल्ड पॉलिसी लागू करना आवश्यक है। इससे जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन मिलेगा। तर्क दिया कि देश की आजादी के समय जनसंख्या करीब 36 करोड़ थी। आज यह 136 करोड़ हो गई है। देश के लिए यह गंभीर समस्या है।
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नियम लागू करना उचित नहीं
नरैनी ब्लाक प्रमुख अवधेश कुमार सिंह के मुताबिक पंचायत चुनाव में दो बच्चों का फार्मूला लागू करना उचित नहीं। चुनाव में सभी की सहभागिता जरूरी है। गांवों के जनप्रतिनिधि पढ़े-लिखे हों यह जरूर किया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार कानून बनाकर लोकसभा और विधानसभा में भी लागू करें।
सरकार ने उठाया सराहनीय कदम
जिला पंचायत सदस्य (तिंदवारी क्षेत्र वार्ड-10) दीपा सिंह गौर की राय में टू चाइल्ड पॉलिसी सरकार का सराहनीय कदम है। इसे लोकसभा और विधान सभा समेत सभी चुनावों में लागू किया जाना चाहिए। इससे जनसंख्या पर तो अंकुश लगेगा ही। चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या में भी कमी आएगी।
पूरे देश में सख्ती से किया जाए लागू
डढ़वा मानपुर (फतेहगंज) ग्राम प्रधान सारिका गुप्ता का कहना है कि हम दो-हमारे दो का कानून पूरे देश में सख्ती से लागू किया चाहिए, ताकि देश की जनसंख्या नियंत्रित हो। जनसंख्या पर अंकुश लगने से राज्य और देश का बहुमुखी विकास होगा। सिविल संहिता हर हाल में लागू ही होनी चाहिए।
लोकसभा और विधानसभा में भी हो लागू
क्षेत्र पंचायत सदस्य (ंओरन ग्रामीण) बाबू मिश्रा का कहना है कि पंचायत चुनाव में पहली बार ऐसा किया जा रहा है। हम इसके पक्ष में हैं। बशर्ते इसे लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में भी लागू किया जाए। सभी चुनावों में उम्मीदवार को योग्यता भी कम से कम इंटरमीडिएट होनी ही चाहिए।
पहले ही लागू हो जाना चाहिए था
क्षेत्र पंचायत सदस्य (लोधौरा) रामशरण गुप्ता ने कहा कि प्रत्याशी के लिए दो बच्चों की शर्त सही फैसला है यह पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। देर आए, दुरुस्त आए। इसी तरह प्रत्याशियों के लिए शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की जाना चाहिए। ग्राम पंचायत चुनाव में कोई हाईस्कूल से कम न हो।
सभी चुनावों में हो लागू यह नियम
स्योढ़ा निहालपुर (खत्री पहाड़) के ग्राम प्रधान अचल गिरि ने कहा कि सिर्फ पंचायत चुनाव में ही दो बच्चों की शर्त उचित नहीं। हर चुनाव में पूरे देश में यह लागू होना चाहिए। सरकार का यह फैसला अच्छा है। इसे पंचायत चुनावों के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी लागू किया जाए।

Two child policy applicable in every election- फोटो : BANDA