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Banda News: ऋण तो लिया पर नहीं लगाया कारखाना
Wed, 15 Oct 2025 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:11 AM IST
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बांदा। उद्यान विभाग की सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना गड़बड़झाले का मामला सही पाए जाने पर शहर कोतवाली में तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। विभाग ने 163 ग्रामीणों को योजना के तहत विभिन्न लघु उद्योग लगाने के लिए बैंक से ऋण दिलाया गया है। ज्यादातर उद्योग धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। बताते हैं कि लाभार्थी, विभाग व बैंक और माल सप्लायर कंपनियों की मिलीभगत रुपये का बंदरबांट किया गया है। प्रत्येक लाभार्थी की जांच कराई जाए तो योजना में खासी अनियमितताएं सामने आएंगी।
जिला उद्यान अधिकारी ने सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) सवा पांच लाख का गड़बड़झाला पाए जाने पर लाभर्थी, डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) शिवम द्विवेदी, मेसर्स अंकिता इंटर प्राइजेज कंपनी की प्रोपराइटर आकांक्षा कुशवाहा के खिलाफ घोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत शहर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। आरोप है कि लाभार्थी ने डीआरपी शिवम द्विवेदी, अंकिता इंटर प्राइजेज कंपनी से साठगांठ कर सवा पांच लाख रुपये का बंदरबाट किया था।
दिखाने के लिए एक पुरानी 50 हजार की आटा चक्की खरीद ली गई। मेसर्स इंटर प्राइजेज कंपनी ने कागजों पर कारखाने के लिए मशीनरी खरीदने का फर्जी बिल लगा दिया। इस वर्ष 163 लोगों को उद्योग लगाने के लिए योजना के तहत ऋण दिलाया गया है। अधिवक्ता क्षत्रपाल का कहना है कि अब तक के प्रत्येक लाभार्थी की जांच कराई जाए तो योजना में खासी अनियमितताएं सामने आएंगी। इस बाबत उप निदेशक उद्यान विनय यादव का कहना है कि प्रत्येक लाभार्थी की जांच कराने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
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जिला उद्यान अधिकारी ने सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) सवा पांच लाख का गड़बड़झाला पाए जाने पर लाभर्थी, डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) शिवम द्विवेदी, मेसर्स अंकिता इंटर प्राइजेज कंपनी की प्रोपराइटर आकांक्षा कुशवाहा के खिलाफ घोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत शहर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। आरोप है कि लाभार्थी ने डीआरपी शिवम द्विवेदी, अंकिता इंटर प्राइजेज कंपनी से साठगांठ कर सवा पांच लाख रुपये का बंदरबाट किया था।
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दिखाने के लिए एक पुरानी 50 हजार की आटा चक्की खरीद ली गई। मेसर्स इंटर प्राइजेज कंपनी ने कागजों पर कारखाने के लिए मशीनरी खरीदने का फर्जी बिल लगा दिया। इस वर्ष 163 लोगों को उद्योग लगाने के लिए योजना के तहत ऋण दिलाया गया है। अधिवक्ता क्षत्रपाल का कहना है कि अब तक के प्रत्येक लाभार्थी की जांच कराई जाए तो योजना में खासी अनियमितताएं सामने आएंगी। इस बाबत उप निदेशक उद्यान विनय यादव का कहना है कि प्रत्येक लाभार्थी की जांच कराने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
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