{"_id":"d8dfdec78128325bf3a4c07223553be6","slug":"time-of-milk-distribution-in-schools-changed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूध वितरण का समय बदला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूध वितरण का समय बदला
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 28 Jul 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों मेें बच्चों को मिलने वाला मुफ्त दूध अब मिडडे मील के साथ नहीं बल्कि सुबह स्कूल खुलते ही मिलेगा। इसी तरह कोफ्ता बनाने के लिए लौकी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब किसी भी मौसमी सब्जी से कोफ्ता बनाया जा सकेगा। शासन का आदेश मिलते ही बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार 15 जुलाई से परिषदीय स्कूलों में हर हफ्ते बुधवार को प्रत्येक बच्चे को 200 मिली लीटर दूध और कोफ्ता के साथ सब्जी-चावल देना शुरू किया है। यह दूध दोपहर को मिडडे मील के समय दिया जा रहा था। शासन ने इसमें संशोधन किया है।
विज्ञापन
अब दोपहर की जगह स्कूल खुलने पर ही बच्चों को दूध वितरित किया जाएगा। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि दोपहर तक दूध खराब होने की आशंका रहती है। उधर, ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में एमडीएम में बच्चों को दूध देने की योजना एक पखवारा भी नहीं चल पाई।
विज्ञापन
शहर क्षेत्र के स्कूलों को छोड़ तमाम गांव-देहातों में बच्चों को दूध नहीं मिला। शिक्षकों का कहना है कि शासन ने अभी तक बजट की व्यवस्था नहीं की। ऐसे में वह कितने दिन अपनी जेब से दूध पिलाएंगे। उधर, शहर में तो टीचर किसी तरह पैकेट बंद दूध से व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन गांवों में दिक्कतें आ रही हैं। दूधिए सप्ताह में सिर्फ एक दिन बुधवार को ही दूध देने को तैयार नहीं हैं।